हरिद्वार, 14 जुलाई (आईएएनएस)। पतंजलि के स्वदेशी उपभोक्ता उत्पादों की श्रेणी में विस्तार करते हुए योग गुरु बाबा रामदेव अब दुग्ध और ‘बेबी केयर’ उत्पादों के कारोबार में हाथ आजमाना चाहते हैं।
हरिद्वार, 14 जुलाई (आईएएनएस)। पतंजलि के स्वदेशी उपभोक्ता उत्पादों की श्रेणी में विस्तार करते हुए योग गुरु बाबा रामदेव अब दुग्ध और ‘बेबी केयर’ उत्पादों के कारोबार में हाथ आजमाना चाहते हैं।
मौजूदा वित्तीय वर्ष में पतंजलि के उपभोक्ता उत्पादों का कारोबार बढ़कर 10,000 करोड़ रुपये होने की उम्मीद है।
बाबा हरिद्वार के निकट 150 करोड़ रुपये की लागत से एक अनुसंधान एवं विकास संस्थान की स्थापना करने जा रहे हैं।
बाबा रामदेव ने आईएएनएस से कहा, “हम 1,000 करोड़ रुपये की लागत से देशभर में छह प्रसंस्करण इकाइयां स्थापित करेंगे। इसके अलावा हम अनुसंधान एवं विकास पर 150 करोड़ रुपये खर्च करेंगे।”
उन्होंने कहा कि दुग्ध उत्पादों जैसे दूध और पनीर के अलावा पतंजलि के नए उत्पादों की श्रेणी में पशुपालन और चारा, हाथ के बुने हुए खादी वस्त्र, और ‘बेबी केयर’ उत्पाद शामिल होंगे।
उन्होंने कहा कि बेबी केयर उत्पादों से प्राप्त लाभ गरीब बच्चों का जीवनस्तर सुधारने पर और खादी वस्त्रों से अर्जित लाभ खादी बुनकरों के सशक्तिकरण पर खर्च किए जाएंगे।
गत वित्त वर्ष में पतंजलि ने 150 प्रतिशत वृद्धि के साथ 5,000 हजार करोड़ रुपये मूल्य के उपभोक्ता उत्पादों का कारोबार किया था।
उन्होंने कहा कि वह एक साल में इसे बढ़ा कर 10,000 करोड़ रुपये करने जा रहे हैं।
योग गुरु ने कहा कि उनकी कंपनी देशी गायों की नस्ल सुधारने और उनके संरक्षण के लिए बड़े पैमाने पर प्रयास करने जा रही है।
रामदेव ने कहा, “हम देशी गायों की नस्ल सुधारने पर अगले दो-तीन वर्षो में 500 करोड़ रुपये खर्च करने जा रहे हैं। नस्ल सुधरने से दूध का उत्पादन स्वत: बढ़ जाएगा।”
देशभर में पतंजलि के 15,000 खुदरा बिक्री केंद्र हैं। अब कंपनी निर्यात पर ध्यान दे रही है और ऑनलाइन व्यापार में सुधार कर रही है। दुग्ध उत्पादन में वृद्धि के लिए कंपनी ने बाजार में पशु चारा और पूरक आहार भी उतार दिए हैं।
रामदेव ने कहा कि वह कंपनी की सुविधा विस्तार के लिए सरकार से जमीन पट्टे पर लेने में विश्वास नहीं करते हैं। अब वह बाजार मूल्य पर जमीन खरीद कर इकाइयां स्थापित करते हैं।
हरिद्वार के निकट पदार्था में स्थित पतंजलि का ‘फूड पार्क’ 170 एकड़ में फैला हुआ है और यहां 10,000 स्थानीय लोगों के लिए रोजगार का सृजन होता है। पतंजलि की दूसरी बड़ी खाद्य प्रसंस्करण इकाई महाराष्ट्र के नागपुर में 600 एकड़ में स्थापित होने जा रही है।
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