गुड़गांव, 14 जुलाई (आईएएनएस)। हरियाणा में फरवरी में हुए जाट आंदोलन के दौरान हुई हिंसा की जांच के लिए हरियाणा सरकार द्वारा गठित दो सदस्यीय समिति ने शिकायतें दर्ज कराने की तिथि बढ़ाकर 31 जुलाई कर दी है।
समिति के सचिव संजीव सिंघला ने कहा कि समिति को 12 जुलाई तक एक भी शिकायत नहीं मिली थी, लेकिन उसके बाद उसे कुछ शिकायतें मिलीं।
कुरुक्षेत्र से भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के लोकसभा सदस्य राजकुमार ने कहा है कि उनकी कई शिकायतें हैं और वह समिति को पर्याप्त सबूत देंगे।
सेवानिवृत्त न्यायाधीश एस.एन. झा की अध्यक्षता वाली समिति ने आठ अप्रैल की एक सरकारी अधिसूचना के बाद 18 अप्रैल को जांच कार्रवाई शुरू की थी।
समिति ने 17 जून को लोगों को 18-23 फरवरी के बीच हुई हिंसा से संबंधित अपनी शिकायतें एक महीने के भीतर दर्ज कराने को कहा था, लेकिन 12 जुलाई तक इस संबंध में कोई शिकायत नहीं मिली।
जाट आंदोलन के दौरान फरवरी में हिंसक घटनाओं में कम से कम 30 लोग मारे गए थे और कई करोड़ रुपये की संपत्ति का नुकसान हुआ था।
समिति को डाक द्वारा एक सीडी मिली है। 17 जुलाई को उसकी जांच की जाएगी। समिति को अपनी पहली बैठक की तिथि से छह महीने के भीतर अपनी रिपोर्ट दाखिल करनी है।
समिति को किसी घटना पर संज्ञान लेने का अधिकार नहीं है, लेकिन वह केवल प्राप्त शिकायतों के आधार पर ही कार्रवाई कर सकती है।
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