बालोद, 16 जुलाई (आईएएनएस)। छत्तीसगढ़ के बालोद जिले में गुरुर ब्लॉक के ग्राम पोड़ में पिछले साल 20 अप्रैल को खेत में लगाए बाड़े में दौड़ रहे करंट की चपेट में आने से गांव के चार युवकों की मौत हो गई थी। करीब एक साल व दो महीने के बाद अदालत ने इस मामले में फैसला सुनाया। बाड़े में करंट लाने का जुगाड़ करने वाले किसान व उनके बेटे को उम्रकैद की सजा सुनाई गई है।
न्यायालय विशेष न्यायाधीश (विद्युत अधिनियम) प्रथम अपर सत्र न्यायाधीश की अदालत ने आरोपी भुनेश्वर निषाद एवं गुहाराम को धारा 304,34 भादस एवं धारा 139 विद्युत अधिनियम के तहत आपराधिक मानव वध के अपराध में दोषी पाते हुए आजीवन कारावास एवं तीन तीन हजार रुपये के अर्थदंड से दंडित किया गया है।
विशेष लोक अभियोजक एम.आर. कुरैशी के अनुसार, आरोपियों ने अपने खेत में जंगली जानवरों की सुरक्षा के लिए सेंट्रिंग तार में विद्युत करंट प्रवाहित किया था, जिससे गांव के चार युवक भूपेंद्र, तोमेश, तुलेश्वर और नोमेंद्र की मौत हुई थी। ये सभी अपनी गाय को ढूंढ़ने के लिए निकले थे।
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