नई दिल्ली, 17 जुलाई (आईएएनएस)। केंद्रीय महिला एवं बाल विकास मंत्री और पशु अधिकार कार्यकर्ता मेनका गांधी केरल के बंधुआ हाथियों की दुर्दशा और प्रताड़ना का खुलासा करते वृत्तचित्र ‘गॉड इन शैकल्स’ को देखकर द्रवित हो गईं।
मेनका ने कहा है कि हाथियों को बचाने के केंद्र खोलना वक्त की जरूरत है।
कनाडा निवासी संगीता अय्यर द्वारा निर्देशित ‘गॉड इन शैकल्स’ में केरल के प्रतिष्ठित मंदिर उत्सवों के पीछे की कहानियों का चित्रण किया गया है।
एक बयान के मुताबिक, यहां पीवीआर रिवोली में शनिवार को फिल्म की स्क्रीनिंग की गई थी।
मेनका ने कहा, “केरल में पिछले दो सालों में पिटाई और भुखमरी के कारण 800 से भी ज्यादा हाथियों की मौत हो चुकी है। अगर कहा जाए कि भारत में हाथी फलफूल रहे हैं, तो ऐसा नहीं है। 20,000 से भी कम हाथी बचे हैं, जिनमें से केरल जितने हो सके उतने हाथियों को मार रहा है।”
मेनका ने कहा, “जरूरी है कि हाथियों को बचाने के कें द्रों की स्थापना की जाए। केरल सरकार को अभी फैसला लेना होगा कि इन लुप्तप्राय प्रजातियों को मारते रहने दिया जाए या उन्हें बचाने के लिए कार्रवाई की जाए।”
उन्होंने कहा, “हमारे यहां सशक्त कानून हैं। वन्यजीवन अधिनियम एक सशक्त कानून है, लेकिन अगर केरल सरकार इसे नजरअंदाज करेगी तो हम क्या कर सकते हैं। अटल बिहारी वाजपेयी के नेतृत्व वाली सरकार के भालुओं को बचाने और पुनर्वास के लिए उठाए गए कड़े कदम का नतीजा है कि अब आखिरकार वे सड़कों से दूर हैं।”
अय्यर ने कहा, “लोग लालच और स्वार्थ में इतने अंधे हो चुके हैं कि उन्हें एक और बेहद संवेनशील और बुद्धिमान जानवर की पीड़ा नहीं देख पा रहे हैं।”
वृत्तचित्र ‘लॉस एंजेलिस सिनेफेस्ट अवॉर्ड’, ‘हॉलीवुड इंटरनेशनल इंडिपेंडेंट डॉक्यूमेंटरी फिल्म फेस्टिवल अवॉर्ड’ और ‘गोल्डन अवॉर्ड’ सहित सात अंतर्राष्ट्रीय पुरस्कार जीत चुकी है।
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