उन्होंने यह जानकारी सदस्य अमरजीत भगत के लिखित प्रश्न के उत्तर में दी।
मंत्री ने बताया कि चंदैनी गोंदा रिसोर्ट खपरी (दुर्ग), पुन्नी टूरिस्ट रिसॉर्ट राजिम (रायपुर), जवारा टूरिस्ट रिसॉर्ट तुमड़ीबोड़ (राजनांदगांव), धनकुल टूरिस्ट रिसॉर्ट कोंडागांव (बस्तर), गोरगा टूरिस्ट कॉटेज तीरथगढ़ (बस्तर) और पोंडूम टूरिस्ट कॉटेज हारम (बस्तर), छत्तीसगढ़ पर्यटन मंडल द्वारा संचालित है।
वहीं कोडार टूरिस्ट कॉटेज कांपा (महासमुंद), पंडवानी टूरिस्ट कॉटेज केंद्री (रायपुर), करमा टूरिस्ट कॉटेज भाठागांव (धमतरी), भरथरी टूरिस्ट कॉटेज सरगांव (बिलासपुर), पंडो टूरिस्ट रिसॉर्ट कोनकोना (कोरबा), सरहूल टूरिस्ट रिसॉर्ट चढिमा (सरगुजा), पोला टूरिस्ट रिसॉर्ट चिरगुड़ा (कोरिया), बासी तीतरा टूरिस्ट रिसॉर्ट नथियानवागांव (कांकेर), पंथी टूरिस्ट कॉटेज कुलीपोटा (जांजगीर-चांपा) और चक्रधर टूरिस्ट कॉटेज कोड़ातराई (रायगढ़) का संचालन बंद है।
मंत्री ने बताया कि वर्ष 2013-14, 2014-15 और 2015-16 में मोटलों के रखरखाव में कोई राशि व्यय नहीं की गई है।
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