पटना/देवघर, 20 जुलाई (आईएएनएस)। देवों के देव महादेव के अतिप्रिय और पवित्र सावन माह का शुभारंभ बुधवार को हो गया है। पहले ही दिन से शिवमंदिरों में आस्था का सैलाब देखने को मिला। सावन महीने की शुरुआत होते ही भगवान आशुतोष के रावणेश्वर ज्योतिलिर्ंगों (बैद्यनाथ धाम) सहित बिहार और झारखंड के सभी शिवालय ‘बोलबम’ के नारों से गूंज उठे।
झारखंड के देवघर जिला स्थित बैद्यनाथ धाम में रात से ही कई भक्त भगवान शिव के जलाभिषेक के लिए कतार में खड़े हैं। सुल्तानगंज से उत्तरवाहिनी गंगा का पवित्र जल लेकर करीब 105 किलोमीटर पैदल लंबी यात्रा कर कांवड़िए बैद्यनाथ धाम पहुंचकर कामना लिंग का जलाभिषेक करते हैं। बुधवार सुबह तीन बजे की विशेष पूजा के बाद से ही यहां भक्तों ने जलाभिषेक शुरू किया, जो बदस्तूर जारी है।
बैद्यनाथ धाम में कांवड़ियों की करीब दो किलोमीटर लंबी कतार लगी हुई है। मान्यता है कि कामना लिंग पर सावन महीने में जलाभिषेक करने से भगवान सभी की मनोकामनाएं पूरी करते हैं।
देवघर की पुलिस अधीक्षक ए़ विजयालक्ष्मी ने बुधवार को बताया कि अब तक करीब 10 हजार से ज्यादा कांवड़िए यहां पहुंचकर बाबा का जलाभिषेक कर चुके हैं। उन्होंने कहा कि कांवड़ियों की दो किलोमीटर तक लंबी कतार लगी हुई है और कांवड़ियों का आना जारी है। उन्होंने कहा कि भक्तों की भारी भीड़ देखते हुए सुरक्षा के पुख्ता प्रबंध किए गए हैं।
देवघर जिला प्रशासन का दावा है कि झारखंड राज्य के प्रवेश द्वार दुम्मा से लेकर बाबाधाम में पड़ने वाले पूरे मेला क्षेत्र में श्रद्घालुओं के लिए बेहतर व्यवस्था की गई है।
देवघर के जिलाधिकारी अरवा राजकमल ने बताया कि पूरे मेला क्षेत्र में कड़ी सुरक्षा-व्यवस्था की गई है। उन्होंने बताया कि झारखंड प्रवेश द्वार दुम्मा में ही कांवडियों को प्रवेश कार्ड मिल रहा है और कार्ड पर अंकित निर्धारित समय पर ही कांवड़िए शिवलिंग पर जलार्पण कर रहे हैं।
बिहार में राजधानी पटना के शिवालयों में भी भक्तों का आना जारी है। मुजफ्फरपुर के बाबा गरीबनाथ मंदिर, रोहतास के गुप्ताधाम, मोतिहारी के सोमेश्वर मंदिर, सोनपुर के हरिहरनाथ मंदिर सहित सभी शिवालयों में सुबह से ही भीड़ उमड़ रही है।
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