भोपाल, 20 जुलाई (आईएएनएस)। दुनिया भले ही भूत-प्रेत बाधाओं को अंधविश्वास करार देते हुए झुठलाती हो, मगर मध्यप्रदेश सरकार ने कई लोगों की आत्महत्या की वजह भूत-प्रेत का साया बताया है। राज्य के गृहमंत्री भूपेंद्र सिंह ने कांग्रेस विधायक के एक सवाल का कुछ इसी तरह जवाब दिया है।
कांग्रेस विधायक शैलेंद्र पटेल ने बुधवार को एक सवाल के जरिए जानना चाहा था कि सीहोर जिले में बीते तीन वर्षो में आत्महत्या के कितने प्रकरण सामने आए हैं और उनकी वजह क्या है? इस पर गृहमंत्री सिंह ने जवाब दिया कि तीन वर्षो में कुल 418 आत्महत्याएं हुई हैं। इनमें कुछ ने भूत-प्रेत के साए के चलते आत्महत्याएं की हैं।
सीहोर जिला मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान का गृह जिला है और वह इसी जिले की बुदनी विधानसभा से विधायक हैं, वहीं पटेल भी इसी जिले के इच्छावर क्षेत्र से विधायक हैं।
विधायक ने तीन किसानों की आत्महत्या का कारण भूत-प्रेत का साया होना बताए जाने पर प्रतिप्रश्न किया कि क्या सरकार अंधविश्वास को मानती है। वहीं एक भी किसान की आत्महत्या का कारण आर्थिक तंगी या फसल खराब होना नहीं बताया गया है।
विधायक का दावा है कि इस जिले में आत्महत्या करने वालों में कई किसान भी थे, इनमें से कुछ के परिवारों से वह स्वयं मिले तो उन्होंने बताया कि आत्महत्या आर्थिक तंगी या फसल खराब होने के चलते की, परंतु सरकार के जवाब में एक भी मौत का कारण फसल नुकसान, कर्ज आदि को नहीं बताया गया है।
ऐसे में सवाल उठता है कि या तो किसान का परिवार झूठ बोल रहा है या सरकार हकीकत छुपा रही है। गृहमंत्री ने सफाई दी कि पीड़ित पक्ष का परिवार जो कारण बताता है उसे ही पुलिस दर्ज करती है, कुछ परिवारों ने भूत-प्रेत के साए की बात कही तो वही कारण दर्ज किया गया।
सरकार अंधविश्वास को नहीं मानती। वहीं किसी भी किसान के परिवार ने आत्महत्या की वजह फसल नुकसान या आर्थिक तंगी नहीं बताया है।
सदन में भाजपा के विधायक डॉ. राजेंद्र पांडे ने खुले तौर पर भूत-प्रेत होने की बात कही और बताया कि जावरा में एक सिद्ध स्थान हुसैन टेकरी शरीफ ऐसा है जहां प्रेत बाधाओं से मुक्ति मिलती है।
वहीं सदन के बाहर सरकार के जवाब पर पूर्व गृहमंत्री बाबू लाल गौर ने चुटकी ली और कहा कि यह मामला आनंद विभाग को सौंप देना चाहिए।
dharmpath.com dharmpath