बेंगलुरू, 23 जुलाई (आईएएनएस)। कर चोरी करने वालों को 30 सितंबर तक आय का खुलासा कर अपनी छवि बेदाग करने की योजना (आईडीएस) के बारे में याद दिलाते हुए केंद्रीय वित्त मंत्री अरुण जेटली ने शनिवार को कहा कि सरकार को उन क्षेत्रों के बारे में अच्छी तरह पता है, जहां से काला धन निकला है।
जेटली ने यहां आईडीएस-2016 पर आयोजित एक सम्मेलन में कहा, “कर विभाग सहित सभी को उन क्षेत्रों के बारे में पता है जहां से अघोषित आय बनाई जाती है। लेकिन किसी भी देश के लिए यह बहुत अरुचिकर होगा कि वह ऐसी हरकतों पर निगरानी शुरू करे।”
जेटली ने यह संकेत भी दिया कि निकट भविष्य में प्रत्यक्ष करों का भुगतान न किए जाने की निगरानी की जा सकती है और कहा कि आय अर्जित करने वाले सभी नागरिकों को निश्चित तौर पर कर अदा करना चाहिए, जो कि अन्य देशों की तुलना में हमारे यहां कहीं उचित है।
जेटली ने कहा, “किसी भी सरकार के लिए नागरिकों के लेन-देन की निगरानी करना सुखद बात नहीं है, क्योंकि सरकारों को अपने नागरिकों पर विश्वास होता है कि वे कर नियमों का पालन करेंगे।”
कर चोरी करने वालों को आय का खुलासा करने वाली योजना की याद दिलाते हुए जेटली ने कहा कि पिछले किए को ठीक करने और चिंतामुक्त भविष्य बिताने के लिए यह एक सुअवसर है।
उन्होंने कहा, “मेरे खयाल से यह योजना कर अदा करने वाले लोगों के लिए अपनी छवि स्वच्छ करने का सुअवसर है ताकि वे भविष्य में सुख की नींद ले सकें और बिना किसी सिरदर्दी के जीवन बिता सकें।”
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