मुख्यमंत्री ने पंच-सरपंचों को अपने निवास परिसर में लगे पेड़-पौधों सहित वहां अपनी गौशाला भी दिखाई। उन्होंने कहा कि ‘हमर छत्तीसगढ़’ योजना जनप्रतिनिधियों में विकास के कामों के प्रति और भी अधिक जागरूकता लाने का अभियान है।
राज्य सरकार का प्रयास है कि प्रदेश के जनप्रतिनिधि और भी अधिक जागरूक हों। नई-नई चीजें देखें और उन्हें नजदीक से सीखे और समझें। पंच-सरपंचों के इस प्रतिनिधि मंडल ने विकासखंड डोंगरगांव (जिला राजनांदगांव) और विकासखंड कवर्धा (जिला कबीधाम) के लगभग 300 पंचायत प्रतिनिधि शामिल थे।
इनमें से 168 प्रतिनिधि विकासखंड डोंगरगांव से और 130 प्रतिनिधि विकासखंड कवर्धा से आए थे।
मुख्यमंत्री ने कहा कि इस वर्ष एक जुलाई से प्रारंभ हमर छत्तीसगढ़ योजना में 30 जून, 2018 तक लगभग आठ सौ दिनों में प्रदेश के करीब पौने दो लाख पंचायत प्रतिनिधियों को राजधानी रायपुर और नया रायपुर में हो रहे विकास कार्यो का अवलोकन कराया जाएगा।
उन्हें कृषि विश्वविद्यालय, पुरखौती मुक्तांगन, बॉटनीकल गार्डन, साइंस सेंटर, विधानसभा सहित कई महत्वपूर्ण प्रतिष्ठान दिखाए जा रहे हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि छत्तीसगढ़ के पंचायत प्रतिनिधि जागरूक हैं। उनकी जागरूकता की प्रशंसा स्वयं प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी करते हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि जनप्रतिनिधि अपने-अपने क्षेत्र में पौधरोपण कर क्षेत्र को हरा-भरा बनाएं। इस अवसर पर संसदीय सचिव मोतीराम चंद्रवंशी, विधायक कवर्धा अशोक साहू, पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष राजनांदगांव दिनेश गांधी ने भी अपने विचार प्रकट किए।
मुख्यमंत्री निवास में आयोजित कार्यक्रम में डोंगरगांव विकासखंड की ग्राम पंचायत रातापैली की सरपंच राजकुमारी मरक डेय और कबीरधाम जिले की कुटकीपारा ग्राम पंचायत की सरपंच निशा साहू ने राजधानी भ्रमण के अनुभव बताए।
ग्राम पंचायत रातापैली की सरपंच राजकुमारी मरक डेय ने बताया कि हम लोग टीवी और समाचारपत्र में राजधानी रायपुर के बारे में पढ़ते और देखते थे। हमर छत्तीसगढ़ योजना में पहली बार राजधानी रायपुर देखने का मौका मिला।
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