बिहार में नदियां उफान पर, 300 से ज्यादा गांव बाढ़ की चपेट में

पटना, 25 जुलाई (आईएएनएस)। नेपाल के तराई क्षेत्रों में एक सप्ताह से जारी बारिश के कारण बिहार में बाढ़ की स्थिति गंभीर होती जा रही है। राज्य की प्रमुख नदियां कई जगहों पर खतरे के निशान से ऊपर बह रही हैं और राज्य के विभिन्न जिलों के 300 से ज्यादा गांव बाढ़ की चपेट में हैं।

पटना स्थित बाढ़ नियंत्रण कक्ष के मुताबिक, बिहार की प्रमुख नदियों के जलस्तर में वृद्धि दर्ज की जा रही है। वीरपुर बैराज में कोसी नदी के जलस्तर में भी वृद्घि देखी गई है।

नियंत्रण कक्ष में प्रतिनियुक्त सहायक अभियंता राजेंद्र प्रसाद ने सोमवार को आईएएनएस को बताया कि सुबह 10 बजे तक वीरपुर बैराज में कोसी नदी का जलस्तर 2़ 30 लाख क्यूसेक दर्ज किया गया, जबकि वाल्मीकिनगर बैराज में गंडक नदी का जलस्तर 2़ 06 लाख क्यूसेक दर्ज हुआ।

उन्होंने बताया कि कोसी में जलस्तर बढ़ने की आशंका है।

प्रसाद ने बताया कि बागमती नदी डूबाधार, ढेंग और सोनाखान, महानंदा ढेंगराघाट व झावा में खतरे के निशान से ऊपर बह रही हैं। कमलाबलान नदी भी झंझारपुर में खतरे के निशान को पार कर गई है।

राज्य में सुपौल, अररिया, किशनगंज, पूर्णिया, सहरसा और कटिहार जिले में बाढ़ की स्थिति उत्पन्न हो गई है। कई इलाकों में बाढ़ की स्थिति गंभीर बनी हुई है।

इधर, मानसी-सहरसा रेलखंड पर फनगो हाल्ट के पास कोसी नदी के बढ़ते दबाव व कटाव को देखते हुए शनिवार से ही रेलखंड पर ट्रेनों का परिचालन बंद कर दिया गया है।

पूर्व मध्य रेलवे के एक अधिकारी ने बताया कि इस रेलखंड में चलने वाली सात ट्रेनों का परिचालन रद्द कर दिया गया है और कई ट्रेनों के मार्ग परिवर्तित कर दिए गए हैं।

रेलवे सूत्रों के अनुसार, मंगलवार को स्थिति की समीक्षा के बाद इस रेलखंड से ट्रेनों का परिचालन शुरू किया जाएगा।

इधर, मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने सोमवार को आपदा प्रबंधन विभाग और जल संसाधन विभाग के अधिकारियों के साथ राज्य में उत्पन्न बाढ़ की स्थिति की समीक्षा की। इसके साथ ही उन्होंने अधिकारियों को बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों की स्थिति का आकलन करने के लिए हवाई सर्वेक्षण करने का निर्देश दिया।

वहीं, जल संसाधन मंत्री ललन सिंह ने दावा किया कि राज्य के सभी तटबंध सुरक्षित हैं। उन्होंने कहा कि किसी भी स्थिति से निपटने के लिए विभाग पूरी तरह चौकस है।

आपदा प्रबंधन विभाग के एक अधिकारी ने बताया कि बताया कि पूर्णिया के तीन प्रखंडों के 182 गावों में बाढ़ का पानी फैल गया। अररिया के 90, सुपौल के 30, मधेपुरा के 37 गांवों समेत दरभंगा का एक प्रखंड और कटिहार, किशनगंज के कई गांव बाढ़ की चपेट में हैं।

उन्होंने बताया कि बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में राहत और बचाव कार्य चलाए जा रहे हैं तथा स्थिति पर नजर रखी जा रही है।

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