मुंबई, 25 जुलाई (आईएएनएस)। गायक और गीतकार शेखर रवजियानी ने हालांकि ‘नीरजा’ में अभिनय किया था, लेकिन उनका कहना है कि वह अभिनय में करियर नहीं बनाना चाहते।
विशाल-शेखर की जोड़ी के शेखर ने आईएएनएस को बताया, “फिल्म ‘नीरजा’ के तत्काल बाद एक ब्रिटिश कास्टिंग एजेंट ने मुझे लंदन में पहले होलोग्राफिक थियेटर प्रस्तुति ‘सिम्फनी टू अ लॉस्ट जेनरेशन’ का प्रस्ताव दिया था। मैं अकेला भारतीय कलाकार हूं जो उसका हिस्सा है।”
उन्होंने कहा, “मैंने उसकी शूटिंग की। फिलहाल यूरोप के विभिन्न शहरों के थिएटर में उसका मंचन किया जा रहा है। यह केवल खुद को खोजने जैसा है। मैं अभिनय में अपना करियर नहीं बनाना चाहता। मुझे ‘नीरजा’ से पहले 10 पटकथाओं का प्रस्ताव मिला था, लेकिन मैने ‘नीरजा’ में इसलिए काम किया, क्योंकि मुझे उसकी पटकथा पसंद आई थी और मैंने इससे पहले भी निर्देशक राम माधवानी के साथ विज्ञापनों में काम किया था।”
हिंदी फिल्मों के लिए कुछ यादगार गीत गा चुके शेखर ने साथ ही कहा कि उन्होंने कभी गायक बनने के बारे में भी नहीं सोचा था।
शेखर ने कहा, “मैने अपना करियर किसी रियेलिटी शो के जरिए शुरू नहीं किया था। मैं ‘सा रे गा मा पा’ से बहुत पहले से विज्ञापनों में काम कर रहा था। असल में मैं अपने एक दोस्त के साथ गया था, जो ‘सा रे गा मा पा’ के लिए ऑडिशन देना चाहता था।”
शेखर ने कहा, “मेरे दोस्त ने वहां कहा, ‘तुम भी ऑडिशन क्यों नहीं देते?’ हालांकि मैं ऑडिशन नहीं देना चाहता था, लेकिन मैंने ‘तू ही रे’ गाया और चुन लिया गया।”
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