नई दिल्ली, 25 जुलाई (आईएएनएस)। आंध्र प्रदेश को विशेष राज्य का दर्जा देने से संबंधित एक निजी विधेयक पर हंगामे के कारण सोमवार को राज्यसभा की कार्यवाही बाधित हुई। शुक्रवार को सदन में शोर-शराबे के कारण इस विधेयक को पेश नहीं किया जा सका था।
कांग्रेस ने इस मुद्दे को सोमवार सुबह उठाया और भोजनावकाश के बाद भी मुद्दे पर कार्यवाही बाधित हुई। बाद में कांग्रेस नेता आनंद शर्मा ने कहा कि वह सदन की कार्यवाही तब तक सुचारु रूप से नहीं चलने देंगे, जबतक आंध्र प्रदेश को विशेष राज्य का दर्जा देने के विधेयक पर चर्चा नहीं होती।
शर्मा ने कहा, “हम चाहते हैं कि आंध्र प्रदेश मुद्दे पर सदन में आधिकारिक रूप से चर्चा हो। जब तक इसपर चर्चा नहीं होती, हम किसी और विधेयक पर चर्चा नहीं करेंगे।”
राज्यसभा के उपसभापति पी.जे.कुरियन ने कहा कि विधेयक को इस सप्ताह शुक्रवार को ही उठाया जा सकता है, क्योंकि उस दिन निजी विधेयकों को उठाया जाएगा।
केंद्रीय संसदीय मामलों के राज्य मंत्री मुख्तार अब्बास नकवी ने भी कहा कि निजी विधेयकों को शुक्रवार के अलावा किसी और दिन नहीं उठाया जा सकता।
कांगेस सदस्य मधुसूदन मिस्त्री ने हालांकि कहा कि निजी विधेयकों को पेश करने का दिन बदले जाने का प्रवधान है।
कांग्रेस के ही सदस्य जयराम रमेश ने सरकार द्वारा गुरुवार को प्रतिपूरक वनीकरण निधि विधेयक पर नियमों के उल्लंघन को लेकर सरकार की आलोचना की।
कुरियन ने कहा कि निजी विधेयकों को पेश करने के दिन को तत्काल बदला नहीं जा सकता और अगर इस प्रक्रिया की शुरुआत कर दी गई है, तो इसका मतलब यह नहीं होगा कि आंध्र प्रदेश से संबंधित विधेयक को तत्काल उठाया जाएगा।
इसके बाद कांग्रेस सदस्यों ने नारे लगाने जारी रखा, जिसके बाद सदन की कार्यवाही पहले 15 दिनों के लिए और फिर अपराह्न तीन बजे तक लिए स्थगित कर दी गई।
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