उन्होंने कहा कि यदि हमें विद्या मिलती है तो हमारे व्यवहार में विन्रमता आनी चाहिए। यदि हमारे आचरण में शिक्षा को लेकर अहंकार आता है तो ये किसी के लिए भी ठीक नहीं है। हमें विनम्रता के साथ अपने गुरुओं से शिक्षा ग्रहण करनी चाहिए, तभी हम भविष्य में अच्छे नागरिक बन सकते हैं।
लोनी स्थित एक स्कूल में आयोजित कार्यक्रम में आए प्रदेश के राज्यपाल राम नाईक ने कहा कि शिक्षा के माध्यम से ही किसी भी बच्चे के भविष्य का रास्ता तय होता है। आज की परिस्थितियों में आगे चलकर हर क्षेत्र में स्पर्धा होगी और अच्छे पढ़े-लिखे बच्चे उसमें आगे निकलेंगे।
उन्होंने कहा, “पहले शिक्षा सेवा का माध्यम थी अब शिक्षा व्यापार हो गई है। हमें शिक्षा को सही रूप से समझना होगा।”
इस अवसर पर राज्यपाल को शॉल और प्रतीक चिह्न देकर उनका सम्मान किया गया।
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