मुंबई, 27 जुलाई (आईएएनएस)। निर्देशक दीपू करुणाकरन का कहना है कि उनकी आगामी फिल्म ‘मिशन टाइगर’ का ‘रोर’ फिल्म से कोई लेना-देना नहीं है।
उनकी फिल्म भी देश के राष्ट्रीय पशु के बारे में है और ‘रोर’ भी इसी से संबंधित थी।
दोनों फिल्मों की तुलना के बारे में करुणाकरन ने कहा कि ‘रोर’ से उनकी फिल्म एकदम अलग है। इस फिल्म में कई जानवरों को दिखाया गया था और इसलिए इससे उनकी फिल्म की तुलना नहीं की जा सकती।
निर्देशक ने कहा कि ‘रोर’ एक व्यावसायिक फिल्म थी, जबकि उनकी फिल्म एक संदेश देती है।
इंग्लिश फिल्म ‘रोर’ 1981 में रिलीज हुई थी, जबकि इसका हिंदी फिल्म ‘रोर : द टाइगर ऑफ सुंदरबन्स’ 2014 में रिलीज हुई थी।
‘मिशन टाइगर’ फिल्म में विजय राज मुख्य भूमिका में हैं और वह बाघों का शिकार करने वाले शिकारी का किरदार निभा रहे हैं, जो घर में वित्तीय परेशानियों के कारण ऐसा करने पर मजबूर है। इस फिल्म की पटकथा एक असल जीवन के भारतीय वनसेवा अधिकारी ने लिखी है।
निर्देशक का कहना है कि उनकी फिल्म देश में बाघों के शिकार को रोकने का संदेश देती है।
यह फिल्म अंतर्राष्ट्रीय बाघ दिवस पर 29 जुलाई को रिलीज होगी।
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