चेन्नई, 27 जुलाई (आईएएनएस)। संयुक्त अरब अमीरात में सजा-ए-मौत व आजीवन कारावास की सजा पाए तमिलनाडु के तीन लोगों की तरफ से अपील करने में कानूनी खर्च के लिए मुख्यमंत्री जयललिता ने 9.5 लाख रुपये की सहायता दी है।
राज्य सरकार द्वारा बुधवार को जारी एक बयान में जयललिता ने तमिलनाडु से ताल्लुक रखने वाले तीन दोषियों की तरफ से कतर के सर्वोच्च न्यायाल में अपील करने में कानूनी खर्च के लिए 9.5 लाख रुपये की राशि का तत्काल भुगतान करने का आदेश दिया।
बयान के मुताबिक, अझागप्पा सुब्रमणि, चेल्लादुरई पेरूमल तथा शिवकुमार अरासन कतर में कार्यरत हैं और उनपर वहां एक महिला की हत्या का आरोप लगा है।
साल 2015 में अदालत ने तीनों को दोषी पाया और मौत की सजा सुना दी।
उनकी एक अपील पर कतर उच्च न्यायालय ने सुब्रमणि तथा पेरूमल की मौत की सजा को बरकरार रखा, जबकि अरासन की मौत की सजा को आजीवन कारावास में बदल दिया।
तमिलनाडु सरकार के मुताबिक, कतर में भारतीय दूतावास ने तीनों के मामले की पैरवी के लिए वकीलों की व्यवस्था की है।
वकीलों ने दूतावास के अधिकारियों से कहा है कि कतर के सर्वोच्च न्यायालय में अपील करने में 9.5 लाख रुपये का खर्च आएगा।
इस बीच, पेरूमल की पत्नी राजाम्मल ने वित्तीय सहायता के लिए जयललिता से गुहार लगाई थी।
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