नई दिल्ली, 27 जुलाई (आईएएनएस)। बहुजन समाज पार्टी (बसपा) की अध्यक्ष मायावती ने राज्यसभा में बुधवार को मध्य प्रदेश में गोमांस की अफवाहों पर दो मुस्लिम महिलाओं की पिटाई का मुद्दा उठाया। उन्होंने साथ ही भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) शासित राज्यों में कानून-व्यवस्था की स्थिति को लेकर सरकार की निंदा भी की।
मायावती ने कहा, “मध्य पद्रेश में गोरक्षा के नाम पर महिलाओं को पीटा गया है। पुलिस मूक दर्शक बनी देखती रही। वे मुस्लिम महिलाएं थीं..यह बर्दाश्त नहीं किया जा सकता।”
दोनों महिलाओं की कथित तौर पर गोरक्षकों ने पिटाई की थी।
मामले पर हो-हल्ला करते हुए बसपा और कांग्रेस के नेता सभापति के मंच के पास पहुंच गए और नारेबाजी करने लगे। हालांकि कुछ क्षण बाद ही वे अपनी सीटों पर वापिस लौट आए।
विपक्ष के नेता गुलाम नबी आजाद ने कहा कि वे गायों की रक्षा के खिलाफ नहीं हैं, लेकिन दलितों और अल्पसंख्यकों को निशाना बनाना बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
आजाद ने कहा, “गायों की रक्षा की जानी चाहिए। लेकिन रक्षा के नाम पर दलितों और मुस्लिमों को निशाना बनाया जा रहा है। हम गायों की रक्षा के खिलाफ नहीं हैं, लेकिन अगर आप दलितों और अल्पसंख्यकों को निशाना बनाएंगे तो हम उसका विरोध करेंगे।”
संसदीय मामलों के राज्यमंत्री मुख्तार अब्बास नकवी ने कहा कि सरकार इस मामले पर बहस के लिए तैयार है।
उन्होंने कहा, “मैं यह स्पष्ट करना चाहता हूं कि देश संविधान के आधार पर चलता है, शारीरिक ताकत के आधार पर नहीं। हिंसा की कोई भी घटना निंदनीय है। मध्य प्रदेश सरकार ने इस मामले में कार्रवाई की है। हम विकास और विश्वास का माहौल चाहते हैं।”
मंत्री ने साथ ही कहा कि विपक्ष के सदस्यों को ऐसे मुद्दों पर ‘राजनीति से ऊपर उठना चाहिए।’
नकवी ने कहा, “ऐसे संवेदशील मुद्दों पर हमें राजनीति से ऊपर उठना चाहिए। समाज में शांति और सद्भावना सर्वोपरि है।”
कांग्रेस नेता आनंद शर्मा ने भाजपा शासित राज्यों में ऐसी घटनाएं होने के मामले पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की चुप्पी पर सवाल उठाया।
इस पर नकवी ने कहा, “नोटिस दे दीजिए, हम चर्चा के लिए तैयार हैं।”
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