कोलकाता, 28 जुलाई (आईएएनएस)। बांग्लादेशी लेखिका तसलीमा नसरीन ने गुरुवार को प्रख्यात लेखिका और सामाजिक कार्यकर्ता महाश्वेता देवी के निधन पर शोक जताया और अपने बुरे दिनों में उनसे मिली मदद को याद किया।
तसलीमा ने ट्वीट किया, “महाश्वेता देवी का देहांत हो गया। मेरे बुरे समय में वह मेरे पीछे खड़ी रहीं।”
कई वर्षो से बांग्लादेश के बाहर रह रहीं तसलीमा ने कहा कि रेमन मैग्सेसे पुरस्कार विजेता महाश्वेता पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी को भारत की प्रधानमंत्री के रूप में देखना चाहती थीं।
उन्होंने ट्वीट किया, “सामाजिक रूप से प्रतिबद्ध लेखिका बाद में तृणमूल कांग्रेस से जुड़ गईं। वह ममता बनर्जी को प्रधानमंत्री के रूप में देखना चाहती थीं।”
प्रसिद्ध लेखक अमिताव घोष ने भी गहरा शोक व्यक्त किया। महाश्वेता के निधन को उन्होंने साहित्य जगत के लिए अनिर्वचनीय क्षति करार दिया।
घोष ने ट्वीट किया, “दिवंगता महाश्वेता देवी। साहित्य के लिए एक अकथनीय क्षति। एक महान लेखिका और असाधारण सामाजिक कार्यकर्ता, एक स्नेही एवं उदार दिल की महिला थीं।”
महाश्वेता देवी का कोलकाता के एक निजी नर्सिग होम में लंबी बीमारी के बाद निधन हो गया। वह 90 वर्ष की थीं।
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