अगाध श्रद्धा के आगे सारी रात जागे बाबा

relegiosवाराणसी। महाशिवरात्रि पर अगाध श्रद्धा से गदगद बाबा पूरी रात जागे। गर्भगृह मड़वे सा सजा और बाबा के सिर सेहरा फबा। चारों पहर रच रच श्रृंगार और भोग में नाना विध आहार। मिष्ठान, पकवान, मेवा- मलाई और लजीज फलहार। महाशिवरात्रि की रात अल्हड़ भक्तों का हर रंग बाबा को भाया। सोमवार को पूरे दिन भी जनवासा सजाया।

रविवार की भोर मंगला आरती के बाद से दर्शन देने बैठे बाबा ने अविरल कतार के अंतिम भक्त तक का इंतजार किया। हर एक को दर्शन व सबको आशीष दिया। विवाह की पूरी रात खुली रही बाबा दरबार की किवाड़ी, भक्तों ने श्रृंगार किया और चार पहर यानी रात 11, 1.30, तीन व सोमवार की सुबह पांच बजे आरती उतारी। चंदन सजाया भाल और सिर पर मुकुट माल। दउरी-दउरी भोग लगाया। नई फसल-फल ले आया, आफ सीजन फल भी खोज खोज मंगाया। तारकेश्वर मंदिर में अखंड दीप और भुवनेश्वर द्वार पर शहनाई की तान। नाटिकोटि क्षेत्रम से बक्सा भर भर वस्त्राभूषण आए। सुबह चौथे प्रहर की आरती के बाद फूट उठे जज्बात। मंदिर की ड्योढ़ी हरे पीले नीले लाल गुलाल से नहा उठी। विवाह खत्म जनवासा उठा लेकिन बाबा का दरबार भक्तों से पटा। सोमवार की रात 11 बजे तक लगातार 51 घंटे दर्शन चलता रहा। विवाह के बाद भी कतार आबाद और दर्शन के लिए कतार।

About Dharm Path


Notice: ob_end_flush(): Failed to send buffer of zlib output compression (0) in /home4/dharmrcw/public_html/wp-includes/functions.php on line 5493