धर्म-अध्यात्म

“एक औघड़ लीक से हटकर”-29 नवम्बर अघोरेश्वर भगवान् राम जी के महानिर्वाणदिवस पर्व पर विशेष

सात वर्ष की अल्प -आयु से ही बालक भगवान् सांसारिकता से विरक्त हो गए थे.सोनभद्र तथा गंगा के तटों के सामीप्य के कारण संतों का सत्संग आपको शैशव काल से ही प्राप्त होता रहा .गंगा और सोनभद्र के तटों पर,विन्ध्याचल के वनों और पर्वतों में आप साधनारत रहे,विचरते रहे.काशी, गया जगन्नाथपुरी और विन्ध्याचल के तीर्थों में,गंगा की कछारों पर स्थित …

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देव सूर्य मंदिर : जहां उमड़ती है छठ व्रतियों की भीड़

औरंगाबाद (बिहार)-बिहार के औरंगाबाद जिले का देव सूर्य मंदिर सूर्योपासना के लिए सदियों से आस्था का केंद्र बना हुआ है। ऐतिहासिक और धार्मिक दृष्टिकोण से विश्व प्रसिद्ध त्रेतायुगीन इस मंदिर परिसर में प्रति वर्ष चैत्र और कार्तिक माह में महापर्व छठ व्रत करने वालों की भीड़ उमड़ पड़ती है। पश्चिमाभिमुख देव सूर्य मंदिर की अभूतपूर्व स्थापत्य कला इसकी कलात्मक भव्यता …

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काली मां को प्रसन्न करने के लिए बरसाते हैं पत्थर

धामी – हिमाचल प्रदेश का यह शहर ब्रिटिश आधिपत्य के समय में शिकारियों के लिए स्वर्ग माना जाता था। इसे अपनी एक अनूठी सांस्कृतिक गतिविधि के लिए भी जाना जाता है। वह है देवी काली को खुश करने के लिए पत्थरों की बरसात। दिवाली के एक दिन बाद धामी के वयस्क पुरुष आकर्षक पोशाकों में जमा होते हैं और एक दूसरे …

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वेटिकन ने हिदुओं को दी दिवाली की बधाई

तोरान ने सतत विकास के लिए हिंदुओं से ईसाइयों के साथ काम करने का आग्रह करते हुए कहा, “भगवान करे विश्वभर में आपका यह उत्सव आपके परिजनों और समुदायों में खुशी और सद्भाव बढ़ाए।” पर्यावरण पर पोप फ्रांसिस के हाल ही के एक पत्र में दिए गए संदेश में कहा गया, “अगर विश्व में शांति को प्रबल करना है, तो …

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छग : कहीं ‘देवारी’ तो कहीं ‘दियारी’!

रायपुर, 7 नवंबर (आईएएनएस/वीएनएस)। छत्तीसगढ़ पूरे भारतवर्ष में अपनी विशिष्ट परंपराओं और सभ्यता-संस्कृति के लिए पहचाना जाता है। यहां मनाए जाने वाले पर्व और त्योहारों की भी अपनी विशिष्टताएं हैं। छत्तीसगढ़ में दिवाली को देवारी पर्व के रूप में जाना जाता है, तो बस्तर के आदिवासी क्षेत्रों में लोग इसे दियारी के रूप में मनाते हैं। दियारी का अर्थ फसल …

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कुल्लू घाटी की पावन यात्रा लिपिबद्ध

कुल्लू, 28 अक्टूबर (आईएएनएस)। कुल्लू दशहरे के अवसर पर तीन किताबों का विमोचन किया गया। सप्ताह भर चलने वाले इस उत्सव का 24 अक्टूबर से आगाज हुआ। उपायुक्त राकेश कंवर ने आईएएनएस को यह जानकारी दी। इनमें से एक पुस्तक में कुल्लू घाटी की पवित्र यात्रा का वर्णन किया गया है। ‘पवित्र यात्रा’ नाम की इस पुस्तक में कुल्लू घाटी …

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विलुप्त होती रामलीला को बचाने की मुहिम

रायपुर, 25 अक्टूबर (आईएएनएस)| कई वर्षो पहले जब भारत डिजिटल इंडिया नहीं हुआ था, तब मनोरंजन का साधन नाच, गम्मत, रामलीला व रासलीला हुआ करती थी। लेकिन छत्तीसगढ़ में रामलीला अब विलुप्त होती जा रही है। ग्रामीण क्षेत्रों में आज भी कुछ जगह इसके बदले ‘नाचा’ होता है। रामलीला कलाकारों के सामने भूखों मरने की नौबत आ गई है, फिर …

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बिहार में कलश स्थापना से देवी की आराधना शुरू

पटना, 13 अक्टूबर (आईएएनएस)| बिहार में राजधानी पटना सहित लगभग सभी जगहों पर मंगलवार सुबह शारदीय नवरात्रि के पहले व्रत को लेकर आराधना और आस्था का सैलाब उमड़ पड़ा। बिहार विधानसभा चुनाव के कारण कड़ी सुरक्षा होने की वजह से कुछ क्षेत्रों में कुछ कम चहल-पहल दिखी। नवरात्रि के प्रथम दिन सुबह में घरों, मंदिरों और पूजा पंडालों में कलश …

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श्राद्ध को सत्य तक पहुंचने का मार्ग बनाएं

हरिद्वार, 27 सितंबर (आईएएनएस)। आश्विन कृष्ण प्रतिपदा से लेकर अमावस्या तक श्राद्ध किए जाते हैं। इस वर्ष 28 सितंबर से शुरू हो रहे हैं। भारतीय संस्कृति में श्राद्ध को एक विशेष दर्जा दिया गया है। श्राद्ध क्या है? श्राद्ध क्यों करें? श्राद्ध की क्या आवश्यकता है? इन प्रश्नों पर विचार करें तो कई उपयोगी बातें सामने आती हैं।   आपको …

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साल में एक बार खुलता है आलोर मंदिर का पट

रायपुर/जगदलपुर, 22 सितम्बर (आईएएनएस/वीएनएस)। छत्तीसगढ़ में आलोर, फरसगांव स्थित एक ऐसा दरबार है, जहां का दरवाजा साल में एक ही बार खुलता है। लिंगेश्वरी माता के मंदिर का पट खुलते ही पांच व्यक्ति रेत पर अंकित निशान देखकर भविष्य में घटने वाली घटनाओं की जानकारी देते हैं। रेत पर यदि बिल्ली के पंजे के निशान हों तो अकाल और घोड़े …

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