भोपाल- राज्य सरकार ने उद्योग विभाग की पांच सेवाओं को लोक सेवा गारंटी कानून की सूची से हटा कर डिनोटिफाई कर दिया है. इन पांच सेवाओ को सूची से हटाकर डिनोटिफाई किया गया हैं. 1. गुणवत्ता प्रमाणीकरण पर हुये व्यय की प्रतिपूर्ति, 2. परियोजना प्रतिवेदन व्यय प्रतिपूर्ति, 3. टर्मलोन पर ब्याज अनुदान स्वीकृति एवं वितरण, 4. माइक्रो, 5. स्माल एण्ड मीडियम इन्टरप्राईजेज डेवलपमेंट एक्ट के तहत मेमोरेंडम जमा करने पर अभिस्वीकृति ( एमएसएमई विनिर्माण उद्योगों हेतु) प्रदान करना तथा चिन्हित गैर प्रदूषणकारी उद्योगों के लिये एनओसी जारी करना. ये सभी पांचों सेवायें जिला व्यापार एवं उद्योग केंद्र के महाप्रबंधक द्वारा दी जाती थीं. लेकिन, अब इन्हें डिनोटिफाई कर दिया गया है.उक्त पांच सेवाओं को सात साल पहले 19 अप्रैल 2013 को वाणिज्य, उद्योग एवं रोजगार विभाग के अंतर्गत नोटिफाई किया गया था. वर्तमान में यह विभाग दो हिस्सों में बंट गया है, जिसमें एक औद्योगिक निवेश एवं प्रोत्साहन विभाग तथा दूसरा एमएसएमई विभाग है. जिला व्यापार एवं उद्योग केंद्र के महाप्रबंधक अब एमएसएमई विभाग के अंतर्गत आ गये हैं.
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