वाराणसी, 2 मई (आईएएनएस)। पंडित ओंकारनाथ ठाकुर के शिष्य और काशी हिन्दू विश्वविद्यालय (बीएचयू) के प्रथम गायन शिक्षक पद्मश्री पं़ बलवंत राय भट्ट का रोहितनगर (सुंदरपुर) स्थित उनके आवास पर सोमवार को निधन हो गया। वह 95 वर्ष के थे।
भट्ट ने भावरंग लहरी में हजारों बंदिशें लिखी हैं, जिन्हें आज भी नामचीन लोग गाते हैं। उन्हें 2004 में संगीत नाटक अकादमी पुरस्कार से सम्मानित किया गया था।
गुजरात में जन्मे भावरंग ग्वालियर घराने के सशक्त हस्ताक्षर माने जाते हैं। 1950 में वह बीएचयू से जुड़े और 1981 में उन्होंने अवकाश ग्रहण किया।
पजिनों के मुताबिक, उनकी अंत्येष्टि मंगलवार सुबह हरिश्चंद्र घाट पर होगी।
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