होशंगाबाद, 2 मई (आईएएनएस)। मध्य प्रदेश के होशंगाबाद जिले में बिहार से मुम्बई भेजे जा रहे 20 बाल श्रमिकों को राजकीय रेल पुलिस (जीआरपी) ने मुक्त करा लिया। इन बच्चों को ले जाने के आरोप में तीन लोगों को हिरासत में लिया गया है।
इटारसी के जीआरपी थाने के अनुसार रविवार की रात रक्सौल से लोकमान्य तिलक टर्मिनल जा रही जनसाधारण एक्सप्रेस में बिहार से बच्चों को मजदूरी के लिए मुम्बई ले जाने की सूचना मिली थी। इस सूचना के आधार पर इटारसी रेलवे स्टेशन पर चाईल्ड लाइन, जीआरपी और आरपीएफ के दल ने गाड़ी की तलाशी ली। ट्रेन में मजदूरी के लिए ले जाए जा रहे 61 युवा और बच्चे मिले।
जीआरपी के उप निरीक्षक (सब इंस्पेक्टर) एस. के. खंपरिया ने सोमवार को आईएएनएस को बताया कि जनसाधारण एक्सप्रेस में कुल 61 मजदूर मिले। इनमें 41 बालिग और 20 नाबालिग थे। इन बच्चों को पुलिस ने गाड़ी से उतार लिया और उन्हें ले जाने के आरोप में तीन लोगों को हिरासत में ले लिया।
खंपरिया ने बताया कि यह सभी बच्चे बिहार के निवासी हैं और उन्हें मजदूरी के लिए इंदौर, नासिक और मुम्बई ले जाया जा रहा था। बच्चों के परिजनों से संपर्क किया जा रहा है। इसके बाद यह पता चल पाएगा कि बच्चों को उनके परिजनों ने स्वेच्छा से भेजा था या उन्हें तस्करी कर ले जाया जा रहा था।
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