नई दिल्ली-मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार और देश के कई राज्यों में हो रहे मतदाता सूचियों के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) के खिलाफ बुलाया गया विरोध प्रदर्शन दिल्ली पुलिस के कड़े बंदोबस्त के बीच भी कई जगह जारी है.
जहां कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) के अभिजीत दिपके, सौरव दास और आशुतोष रांका, साथ ही पार्टी की लीगल अफेयर्स की प्रमुख रत्ना सिंह को शनिवार सुबह ही हिरासत में लिया गया, वहीं दिन भर शहर के अलग-अलग हिस्सों में वाम दलों के नेताओं, छात्र कार्यकर्ताओं और वकीलों को हिरासत में लेने की ख़बरें आती रहीं.
शाम होते-होते कई जगहों से युवा प्रदर्शनकारियों ने उनके साथ मारपीट और बदसलूकी किए जाने का दावा किया है.विपक्षी दलों के नेताओं ने इस कार्रवाई की कड़ी आलोचना की है. लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष और कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने प्रदर्शनकारियों का समर्थन करते हुए एक बयान जारी कर कहा है कि वे युवाओं के साथ हैं.
लगभग दो मिनट के बयान में मोदी सरकार पर निशाना साधते हुए राहुल गांधी कहते हैं, ‘मैं नरेंद्र मोदी, आरएसएस और इनसे जुड़े लोगों के ख़िलाफ़ एक दशक से भी ज़्यादा समय से लड़ रहा हूं. मैं अपने विरोधियों को उतनी अच्छी तरह समझता हूं, जितना कोई भी अपने प्रतिद्वंद्वी को समझता है. मैं इन्हें अंदर तक जानता हूं, इनकी हर चाल से वाक़िफ़ हूं. इन लोगों की सबसे बड़ी पहचान है- कायरता. नरेंद्र मोदी, अमित शाह, मोहन भागवत, ज्ञानेश कुमार, अजीत डोभाल- इस कहानी के खलनायक- अब धीरे-धीरे घिरते जा रहे हैं. इनके चारों तरफ़ से दायरा सिमट रहा है.’
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