नई दिल्ली-लोकसभा में बुधवार को भारी हंगामे और तीखी बहस के बीच एंटी पेपर लीक संशोधन विधेयक ध्वनिमत से पारित कर दिया गया। विधेयक पर चर्चा के दौरान सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच तीखी नोकझोंक देखने को मिली। विपक्ष के नेता राहुल गांधी के बयान को लेकर भी सदन में जोरदार हंगामा हुआ। बिल पारित होने की घोषणा के बाद लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने सदन की कार्यवाही 30 जुलाई सुबह 11 बजे तक के लिए स्थगित कर दी।
विधेयक पेश करते हुए केंद्रीय मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह ने विपक्ष पर गंभीर मुद्दे का राजनीतिकरण करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि सरकार युवाओं के हितों और परीक्षा प्रणाली में पारदर्शिता सुनिश्चित करने के उद्देश्य से यह महत्वपूर्ण कानून लेकर आई है लेकिन विपक्ष रचनात्मक सुझाव देने के बजाय राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप में लगा हुआ है।
जितेंद्र सिंह ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की प्रतिबद्धता को दर्शाने वाले इस महत्वपूर्ण विधेयक पर सार्थक चर्चा होनी चाहिए थी। उन्होंने विपक्ष के नेता की भाषा पर भी आपत्ति जताते हुए कहा कि सदन में जिस तरह की शब्दावली का इस्तेमाल किया गया वह न केवल असंसदीय थी बल्कि संसदीय गरिमा के भी अनुरूप नहीं थी। उनके मुताबिक, जो व्यक्ति संसदीय परंपराओं की जानकारी होने का दावा करता है उसे सदन की मर्यादा का भी ध्यान रखना चाहिए।
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