नई दिल्ली-सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार को यह सुझाव दिया कि राज्य और केंद्र शासित प्रदेश बकाया ट्रैफिक चालान की रकम वसूलने के लिए इसे बिजली बिल से जोड़ने पर विचार कर सकते हैं।
सुप्रीम कोर्ट ने कहा है कि अधिकारियों को बकाया ट्रैफिक चालान वसूलने के लिए जमीनी स्तर पर ठोस कदम उठाने चाहिए। कोर्ट ने कहा कि सिर्फ ई-चालान जारी करना काफी नहीं है।
सुनवाई के दौरान, जस्टिस जेबी पारदीवाला ने कहा कि अगर लोग ट्रैफिक चालान का भुगतान नहीं करते हैं, तो अधिकारी बिजली बिल सहित अन्य सरकारी बकाया राशि से जोड़कर चालान की रकम वसूलने के तरीकों पर विचार कर सकते हैं।’बार एंड बेंच’ की रिपोर्ट के अनुसार, सुप्रीम कोर्ट ने कहा, ‘अगर लोग ट्रैफिक चालान का भुगतान नहीं कर रहे हैं, तो इसे उनके बिजली के बिल में जोड़ दें।
उन्हें बिजली का बिल भरना ही होगा, वरना बिजली कनेक्शन काट दिया जाएगा। इसका कोई तरीका निकालिए। इस देश में आपको कोई न कोई रास्ता तो खोजना ही होगा।’जस्टिस पारदीवाला ने कहा कि अधिकारियों को जमीनी हकीकत को ध्यान में रखकर काम करना होगा। उन्होंने कहा कि पुलिस भले ही हजारों या लाखों ई-चालान जारी कर दे, लेकिन असली मुद्दा उनसे लगाए गए जुर्माने की वसूली का है।
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