टीकमगढ़, 1 सितंबर (आईएएनएस)। स्टॉकहोम वाटर प्राइज से पुरस्कृत और ‘जलपुरुष’ के नाम से पहचाने जाने वाले राजेंद्र सिंह ने कहा है कि बुंदेलखंड में कम वर्षा के कारण यह इलाका अकाल की ओर बढ़ रहा है।
बुंदेलखंड क्षेत्र के कई गांव का भ्रमण करने के बाद शुक्रवार को यहां संवाददाताओं से चर्चा करते हुए राजेंद्र सिंह ने कहा कि बुंदेलखंड मध्यप्रदेश और उत्तरप्रदेश के 13 जिलों को मिलाकर बनता है, यहां के अधिकांश गांव अकाल की तरफ बढ़ रहे हैं, क्योंकि इस बार बर्षा बहुत कम हुई है।
उन्होंने खेती की हालत का जिक्र करते हुए कहा कि इस क्षेत्र के गांव के किसानों की उड़द, मूंग, तिल और बाजरा आदि की फसलें सूख ही गई हैं। किसान के सामने उसके और उसके परिवार के जीवनयापन करने का संकट उत्पन्न हो गया है।
जलपुरुष ने बताया कि सागर जिले के ग्राम धौरी सहित ललितपुर जनपद के रास्ते में पड़ने वाले खेतों में खड़ी उड़द, मूंग, तिल और बाजरा आदि की फसलें पानी के अभाव में सूख गई हैं। बुंदेलखंड सेवा संस्थान के प्रमुख वासुदेव, ग्रामीणों तथा राज्य सरकार ने मिलकर पिछले 11 वर्षो में अथक प्रयासों से बंडई नदी को पुनर्जीवित किया है व राज्य व समाज के द्वारा मिलकर किया गया सराहनीय कार्य है।
एक सवाल के जवाब में उन्होंने कहा कि बरसात के मौसम में कुंडेश्वर स्थित जमडार जैसी नदी सूखी सी प्रतीत हो रही है, जिससे अकाल की छाया और गहरी होती जा रही है। मध्यप्रदेश और उत्तरप्रदेश के बुंदेलखंड क्षेत्र के गांवों से पलायन अभी से शुरू हो गया है। 15 से 20 दिनों के भीतर इसमें और तेजी आ जाएगी।
उन्होंने दोनों राज्य सरकारों को आगाह करते हुए कहा कि अकाल राहत के लिए अभी से प्रयास नहीं किए गए, तो स्थिति भयावह होगी।
राजेंद्र सिंह और जल जन जोड़ो अभियान के राष्ट्रीय संयोजक संजय सिंह ने कहा कि बुंदेलखंड सूखे की यह रिपोर्ट तीन दिन के अंदर दोनों राज्यों और केंद्र सरकार को भेजी जाएगी।
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