विभाग के वरिष्ठ वित्त और लेखाधिकारी श्रीनिवास त्रिपाठी द्वारा नूतन ठाकुर को दी गई सूचना के अनुसार, चालू वित्तवर्ष में सरकारी विज्ञापनों के लिए 515.49 करोड़ रुपये तय किए गए थे। यही वजह रही कि हर अखबार में लगभग रोजाना पूरे पेज का विज्ञापन छपता रहा है। दिल्ली मेट्रो की बोगियों में भी उत्तर प्रदेश सरकार के विज्ञापन लगते रहे हैं।
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