नई दिल्ली, 21 जुलाई (आईएएनएस)। केंद्र सरकार ने राज्यों से अनुसूचित जातियों की सुरक्षा के लिए किए गए संवैधानिक प्रावधानों को लागू करने का आग्रह किया है ताकि उनके खिलाफ अपराध मुक्त माहौल बन सके। सरकार ने यह आग्रह गुजरात में दलित समुदाय के चार लोगों की गोरक्षा निगरानी समिति के सदस्यों द्वारा बर्बरतापूर्वक पिटाई के एक हफ्ते बाद किया है।
सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्री थावर चंद गहलोत ने एक बयान में यहां कहा, “सरकार ने अनुसूचित जातियों के खिलाफ अत्याचार रोकने और उन्हें अधिकार प्रदान करने के लिए संवैधानिक प्रावधानों को मजबूत किया है।”
उन्होंने कहा कि इन प्रावधानों को प्रभावी ढंग से लागू करने के लिए तत्काल कदम उठाए जाने चाहिए और हर स्तर पर निगरानी तंत्र बनाया जाना चाहिए।
मंत्री ने राज्यों से सरकारी तंत्र को संवेदनशील बनाने का आग्रह किया।
गहलोत ने कहा, “अनुसूचित जातियों के खिलाफ भेदभाव समाप्त करना हमारा संवैधानिक दायित्व है। इसके लिए राज्य सरकारों को हर स्तर पर सरकारी तंत्र को संवेदनशील बनाना चाहिए।”
उन्होंने विशेष अदालतें गठित करने, जिला एवं राज्य स्तर पर निगरानी समितियों के काम और मुआवजा वितरण पर सर्वोच्च स्तर पर निगरानी करने को कहा।
राष्ट्रीय अनुसूचित जाति आयोग (एनसीएससी) द्वारा आहूत एक बैठक में गहलोत ने अनुसूचित जातियों को लाभ मिल सके, इसके लिए उनके अनुकूल योजनाएं बनाने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि राशि का विचलन नहीं होना चाहिए। राज्यों को यह सुनिश्चित करना चाहिए आवंटित राशि वास्तव में शत-प्रतिशत खर्च हो जाए।
केवल हफ्ता भर पहले ही एक वीडियो वायरल हुआ है जिसमें कुछ लोग मरी हुई गाय की कथित रूप से खाल उतारने पर दलित समुदाय के सदस्यों की पिटाई करते दिखते हैं। बैठक में गहलोत ने अनुसूचित जातियों पर अत्याचार रोकने के लिए निगरानी के बारे में विचार-विमर्श किया।
मैला ढोनेवालों की पहचान एवं पुनर्वास, अनुसूचित जाति उप योजना लागू करने और राज्य सरकारों द्वारा आरक्षण लागू करने पर भी चर्चा हुई।
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