नई दिल्ली, 21 जुलाई (आईएएनएस)। केंद्रीय गृहमंत्री राजनाथ सिंह ने जम्मू एवं कश्मीर में अशांति के लिए गुरुवार को पाकिस्तान को जिम्मेदार ठहराते हुए कहा कि पाकिस्तान, भारत में आंतकवाद को प्रायोजित कर रहा है।
राजनाथ ने लोकसभा में कश्मीर मुद्दे पर हुई संक्षिप्त चर्चा के दौरान एक सवाल का जवाब देते हुए कहा, “इस बात से इनकार नहीं किया जा सकता कि जम्मू एवं कश्मीर की मौजूदा स्थिति बिगाड़ने में हमारा पड़ोसी (पाकिस्तान) ही सीधे तौर पर जिम्मेदार है।”
उन्होंने कहा कि आज देश जिस आतंकवाद से जूझ रहा है, वह पाकिस्तान प्रायोजित है।
उन्होंने कहा, “पाकिस्तान धर्म के आधार पर अस्तित्व में आया था। लेकिन, वह स्वयं को एकजुट रखने में असफल रहा।”
राजनाथ ने कहा कि कश्मीर भारत का अभिन्न अंग है और पाकिस्तान उस पर बुरी नजर रखता है।
उन्होंने कहा, “कश्मीर भारत का मुकुट है। यह स्वर्ग है और पड़ोसी देश की उस पर बुरी निगाह है। मुझे पूरा विश्वास है कि कश्मीर की गरिमा फिर से स्थापित कर ली जाएगी।”
हिजबुल मुजाहिदीन के कमांडर कश्मीरवासी बुरहान वानी की भारतीय सुरक्षा बलों के हाथों हुई मौत पर पाकिस्तान द्वारा ‘काला दिवस’ मनाए जाने का कड़ा विरोध करते हुए राजनाथ ने कहा, “मारा गया आतंकवादी कई गंभीर एवं जघन्य अपराधों और गतिविधियों में संलिप्त था और पाकिस्तान को भारत में बसने वाले मुस्लिमों की चिंता करने की जरूरत नहीं है।”
राजनाथ ने पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी की लोकप्रिय पंक्तियों ‘चिंगारी का खेल बुरा होता है’ का उल्लेख करते हुए पाकिस्तान को आतंकवाद को प्रायोजित करने में उसकी भूमिका पर चेताया।
उन्होंने सभी राजनीतिक पार्टियों और लोकसभा सदस्यों से कश्मीर में शांति बहाल करने में मदद करने की गुहार भी लगाई।
उन्होंने कहा, “कश्मीर घाटी में माहौल धीरे-धीरे सामान्य हो रहा है। कर्फ्यू वाले इलाकों में जरूरी उपयोग की चीजें पहुंचाई जा रही हैं और बीते दो सप्ताह से इंटरनेट पर लगे प्रतिबंध को हटा लिया गया है।”
राजनाथ ने कहा कि राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) सरकार कश्मीर के लिए कश्मीरियत, जम्हूरियत और इंसानियत के वाजपेयी के रोडमैप का पालन कर रही है लेकिन इसमें अमानवीयता और हिंसा की कोई जगह नहीं है।
राजनाथ ने इस बात से इनकार किया कि घाटी में प्रदर्शनकारी भीड़ को नियंत्रित करने में सुरक्षाबलों ने बहुत कठोर कदम उठाए हैं।
उन्होंने कहा कि निजी तौर पर वह हमेशा इस पक्ष में रहे हैं कि स्थिति को नियंत्रित करने के लिए कम से कम ताकत का इस्तेमाल किया जाए।
उन्होंने स्वीकार किया, “ऐसा हो सकता है कि सुरक्षबलों द्वारा जरूरत से अधिक सख्ती के कुछ अपवादित मामले हो सकते हैं।”
उन्होंने छर्रे वाली गोलियों (पेलेट बुलेट) और घातक हथियारों के इस्तेमाल के बारे में कहा कि मंत्रालय जल्द ही इस तरह के हथियारों के वैकल्पिक इस्तेमाल के बारे में सुझाव के लिए एक विशेषज्ञ समिति का गठन करेगा।
गौरतलब है कि र्छे वाली गोलियों के इस्तेमाल से घाटी में बड़ी संख्या में लोगों की आंखें जख्मी हुई हैं।
घाटी में आठ जुलाई से उग्र भीड़ और सुरक्षाबलों के बीच झड़पों में 40 से अधिक लोगों की मौत हो चुकी है।
कश्मीर में एक सर्वदलीय प्रतिनिधिमंडल भेजे जाने की मांग पर गृह मंत्री ने कहा, “मैं कश्मीर की मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती से बात की है और उन्होंने कहा है कि वह दो-तीन दिन में दिल्ली आ रही हैं और तब इस पर चर्चा की जा सकती है।”
गृह मंत्री ने कहा, “मैं भी वहां जाना चाहता हूं और किसी अतिथि गृह में ठहरना चाहता हूं ताकि मैं वहां स्थानीय निवासियों के साथ बातचीत कर सकूं।”
उन्होंने हिजबुल मुजाहिदीन आतंकी बुरहान वानी के मारे जाने के बाद कश्मीर में तनाव पैदा करने के सिलसिले में पाकिस्तान स्थित आतंकी हाफिज सईद और सैयद सलाहुद्दीन का उल्लेख किया।
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