मुंबई, 15 अप्रैल (आईएएनएस)। अंतर्राष्ट्रीय ख्यातिप्रद फिल्मकार शेखर कपूर का कहना है कि अब हिंदी के अलावा अन्य भाषाई फिल्मों के लिए क्षेत्रीय सिनेमा के टैग को हटाने का समय आ गया है।
‘बैंडिट क्वीन’ फिल्म के लोकप्रिय शेखर कपूर असमिया, बंगाली, मलयालम और मराठी फिल्मों के विषयों की गुणवत्ता और विभिन्नता के देखकर स्तब्ध हैं।
शेखर ने शनिवार को ट्वीट कर कहा, “राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार 2018 की अध्यक्षता करना उनके लिए बहुत जानकारीवर्धक रहा। क्षेत्रीय सिनेमा की गुणवत्ता ने हमें स्तब्ध कर दिया है। यह विश्वस्तरीय है और अब क्षेत्रीय सिनेमा का टैग दूर करने का समय आ गया है।”
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