अगरतला, 23 अप्रैल (आईएएनएस)। प्रस्तावित भारत-बांग्लादेश रेल संपर्क परियोजना अब तक शुरू नहीं हो पाई है। इसे पांच साल पहले मंजूरी दी गई थी। यहां अधिकारियों ने बताया कि अभी तक इस परियोजना के लिए कोष आवंटित नहीं किया गया है और यह कब शुरू होगा, इस बारे में अभी कुछ कहा नहीं जा सकता है।
अगरतला, 23 अप्रैल (आईएएनएस)। प्रस्तावित भारत-बांग्लादेश रेल संपर्क परियोजना अब तक शुरू नहीं हो पाई है। इसे पांच साल पहले मंजूरी दी गई थी। यहां अधिकारियों ने बताया कि अभी तक इस परियोजना के लिए कोष आवंटित नहीं किया गया है और यह कब शुरू होगा, इस बारे में अभी कुछ कहा नहीं जा सकता है।
575 करोड़ रुपये की परियोजना को जनवरी 2010 में बांग्लादेश की प्रधानमंत्री शेख हसीना की भारत यात्रा के समय भारत के तत्कालीन प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह के साथ हुई उनकी मुलाकात के दौरान मंजूरी दी गई थी।
त्रिपुरा सरकार के एक वरिष्ठ अधिकारी ने आईएएनएस से कहा, “केंद्र सरकार ने अब तक परियोजना के लिए कोष आवंटित नहीं किया है।”
उन्होंने कहा कि हाल ही में राज्य सरकार ने परियोजना को कोष आवंटित कराने के लिए रेल मंत्रालय से बात की थी।
उन्होंने कहा, “2015-16 के रेल बजट में कोई कोष आवंटित नहीं किया गया है। भूमि अधिग्रहण के लिए भी नहीं।”
परियोजना पर पहले 271 करोड़ रुपये खर्च होने का अनुमान था। इसके अलावा पटरी बिछाने के लिए करीब 98 एकड़ भूमि अधिग्रहण के लिए 302 करोड़ रुपये की जरूरत है।
पूर्वोत्तर सीमांत रेलवे (एनएफआर) के एक अधिकारी ने कहा, “अगरतला को बांग्लादेश के दक्षिण-पूर्वी शहर अखौरा से जोड़ने के लिए 15 किलोमीटर की पटरी बिछाने का काम शुरू नहीं हो पाया है, जबकि दोनों देश इस परियोजना के प्रति काफी गंभीर हैं।”
सीमा के दोनों ओर पटरी बिछाने का काम सरकारी कंपनी इंडियन रेलवे कंस्ट्रक्शन कंपनी (इरकॉन) कर सकती है। इस पटरी का पांच किलोमीटर हिस्सा भारतीय क्षेत्र में पड़ेगा।
अगरतला भारतीय रेल नेटवर्क से 2008 में जुड़ा। अभी अगरतला और कोलकाता के बीच 1,650 किलोमीटर की दूरी है, जो बांग्लादेश से होकर पटरी बिछ जाने के बाद घटकर 650 किलोमीटर रह जाएगी।
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