नई दिल्ली, 13 नवंबर (आईएएनएस)। अलग राज्यों की मांग उठाने वाले नवगठित संगठन नेशनल फेडरेशन ऑफ न्यू स्टेट्स (एनएफएएस) ने देश के सभी हिस्सों के समान विकास के लिए अलग राज्य को एकमात्र समाधान बताते हुए सरकार से अलग राज्य की मांग के मुद्दों पर तत्काल ध्यान देने की अपील की है।
देश भर में नए राज्यों की मांग करने वाले समुदाय समूहों के संगठन एनएफएएस ने चेतावनी देते हुए कहा कि अगर सरकार अलग राज्य की मांगों को नजरअंदाज करती रही, तो राष्ट्रीय राजमार्गो पर हिंसा व यातायात अवरोध को अंजाम दिया जा सकता है।
अखिल भारतीय बोडो छात्र संघ व एनएफएस के अध्यक्ष प्रमोद बोडो ने आईएएनएस से कहा, “हमारी मांगें नई नहीं, बल्कि 48 साल पुरानी हैं। विकास से वंचित समुदायों पर गौर करते हुए बीते दो दशकों में कई राज्यों का गठन किया गया, फिर हमें लगातार क्यों नरअंदाज किया जा रहा है।”
असम के बोडो समुदाय की मांग को तेलंगाना जितना पुराना करार देते हुए बोडो ने कहा कि आजादी से लेकर अब तक राजनीतिज्ञ चुनाव के दौरान मुद्दे को उठाते हैं, लेकिन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सहित किसी ने भी इस ओर फिर ध्यान नहीं दिया।
एनएफएस का गठन अखिल भारतीय बोडो छात्र संघ, बुंदेलखंड मुक्ति मोर्चा, कुकी स्टेट डिमांड कमेटी तथा इंडिजिनस पीपुल्स फ्रंट ऑफ त्रिपुरा सहित दर्जन भर समूहों को मिलाकर किया गया है।
बोडो ने कहा कि वे राष्ट्रीय राजधानी के जंतर मंतर व 14-15 नवंबर को दो दिवसीय विरोध रैली का आयोजन करेंगे और सरकार को अपनी मांगों का एक ताजा ज्ञापन सौंपेंगे।
उन्होंने कहा, “भारत में नए राज्य के लिए धरना व रैली महज एक शुरुआत है।”
बोडो ने कहा, “अगर हमारी मांगों को जल्द पूरा नहीं किया गया, तो देश भर में व्यापक लोकतांत्रिक आंदोलन के कारण अशांति के लिए केंद्र जिम्मेदार होगी।”
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