मुंबई, 11 फरवरी (आईएएनएस)। ‘सिटीलाइट्स’ का निर्देशन कर चुके फिल्म-निर्देशक हंसल मेहता ने बताया कि उनकी आगामी फिल्म ‘अलीगढ़’ समलैंगिकता पर आधारित नहीं बल्कि निजी अधिकार पर आधारित है।
बॉलीवुड हस्तियों के लिए फिल्म की विशेष स्क्रीनिंग के दौरान मंगलवार को मेहता ने कहा, “यह आज की कहानी है और फिल्म देखना बहुत जरूरी है कि प्रोफेसर सिरस के साथ क्या हुआ।”
उन्होंने कहा, “यह फिल्म समलैंगिकता पर आधारित नहीं है बल्कि निजता के अधिकार पर आधारित है। किसी को भी हमारे निजी जीवन में हस्तक्षेप करने का अधिकार है।”
फिल्म निर्देशक ने कहा, “यह जरूरी है कि समलैंगिकता और उसके वैधीकरण के मुद्दे के बारे में लोग सोचे और उसका समर्थन करें।”
यह फिल्म अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी के प्रोफेसर श्रीनिवास रामचंद्र सिरस की कहानी पर आधारित है, जिन्हें लैंगिक रुझान के कारण निलंबित कर दिया गया।
मेहता का मानना है कि आम आदमी को बदलाव के लिए आवाज उठानी चाहिए।
उन्होंने कहा, “हमें इसे बदलना होगा। फिल्म-निर्माता होने के नाते मैं लोगों को फिल्म देखने और बदलाव लाने के लिए प्रेरित कर सकता हूं।”
फिल्म ‘अलीगढ़’ 26 फरवरी को रिलीज होगी, इसमें मनोज बाजपेयी और राजकुमार राव प्रमुख भूमिका में हैं।
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