सहाना घोष
सहाना घोष
कोलकाता, 25 जनवरी (आईएएनएस)। मशहूर लेखक रस्किन बांड का कहना है कि असहिष्णुता के मुद्दे पर जिन्हें पुरस्कार लौटाना था, वे लौटा चुके। अब उन्हें फिर से वही पुरस्कार लौटाने का कोई औचित्य नहीं है।
इस आशय की खबरें आई हैं कि साहित्य अकादमी इस कोशिश में है कि जिन साहित्यकारों ने पुरस्कार लौटाए थे, उन्हें उनके पुरस्कार वापस दे दिए जाएं।
देश में ‘बढ़ती असहिष्णुता’ के खिलाफ कई लेखकों ने अपने पुरस्कार लौटा दिए थे। लेकिन, साहित्य अकादमी पुरस्कार विजेता रस्किन बांड ने इस मुहिम का हिस्सा बनने से इनकार कर दिया था।
टाटा स्टील कोलकाता साहित्यिक सम्मेलन से इतर आईएएनएस से खास मुलाकात में रस्किन बांड (81) ने कहा, “अब उनमें से कुछ लोग अपना पुरस्कार वापस ले रहे हैं। इन्हें अब ये पुरस्कार नहीं लौटाए जाने चाहिए। जब आपने दे दिया..तो फिर दे दिया। यह नहीं हो सकता कि आप पूरा केक खा भी लें और वह आपके पास बचा भी रहे।”
500 लघु कथाओं, निबंधों, उपन्यासों और बच्चों के लिए लिखी गईं 40 किताबों के लेखक ने कहा कि आज मीडिया चैनलों की भेड़चाल में मुद्दों को विवादित बनते देर नहीं लगती। उन्होंने इस बात को माना कि असहिष्णुता से जुड़े ‘वास्तविक मुद्दे’ हमेशा से रहे हैं। लेकिन, आज से तीस साल पहले इन्हें मीडिया कवरेज नहीं मिल पाता था।
रस्किन बांड ने कहा, “वास्तविक मुद्दे हैं..हमेशा से रहे हैं। कई अप्रिय घटनाएं होंगी..हो चुकी हैं लेकिन हमने इनके बारे में नहीं सुना। क्योंकि, टेलीविजन पूर्व दौर में या टेलीविजन के शुरुआती दौर में, आपको इस तरह की कवरेज नहीं मिलती। यह लोगों के सामने नहीं आ पाता था। “
पद्म भूषण से सम्मानित लेखक ने कहा, “मीडिया चैनलों आदि के बीच इतनी प्रतिस्पर्धा है कि हम विवादों की तरफ देखते रहते हैं। नहीं तो, निजी रूप से मैं विवादों से बचता हूं।”
मसूरी में रहने वाले रस्किन बांड ने अपने साथ जुड़े एक विवाद का जिक्र किया। उन्होंने कहा कि 70 के दशक में उन्होंने मुंबई की एक पत्रिका के लिए कामोत्तेजक कहानी ‘द सेंसुअलिस्ट’ लिखी थी। उन्होंने बताया कि इसे लिखने पर उनके खिलाफ अश्लीलता का आरोप लगा था।
उन्होंने कहा, “तब हमारे पास टीवी नहीं था। एक तरह से मीडिया सीमित था। आज का दौर होता तो इस पर अधिक ध्यान जाता। आज विवाद अधिक आकर्षित करते हैं। आज का युग विवादों का युग है।”
विवादों से बचने की अपनी इसी कवायद के तहत उन्होंने कहा कि प्रकाशकों के कहने पर वह ट्विटर पर आ तो गए हैं लेकिन इसका इस्तेमाल वह बहुत एहतियात से करेंगे। मजाक की मुद्रा में उन्होंने कहा, “हो सकता है कि मैं साल में केवल एक ही बार ट्वीट करूं।”
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