नई दिल्ली, 7 सितम्बर (आईएएनएस)। केंद्र सरकार एक-दो दिन में आंध्र प्रदेश के लिए एक विशेष पैकेज घोषित कर सकती है। इस बारे में राष्ट्रीय राजधानी में बुधवार को गहन मंत्रणा जारी रही।
केंद्रीय वित्तमंत्री अरुण जेटली ने संवाददाताओं से कहा कि वे घोषणा करने को लेकर बुधवार को किसी नतीजे पर नहीं पहुंच पाए।
केंद्रीय विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी राज्यमंत्री वाई.एस. चौधरी ने विभाजन के समय राज्य को किए गए वादों पर एक और दौर की बातचीत करने के लिए शाम को जेटली से मुलाकात की।
जेटली ने उन्हें आश्वसन दिया कि विशेष श्रेणी के दर्जे के समान धन आवंटन करने के प्रयास किए जाएंगे।
यह अभी स्पष्ट नहीं है कि मुख्यमंत्री एन. चंद्रबाबू नायडू केंद्र सरकार द्वारा विशेष दर्जे की जगह पेश किए जा रहे विशेष पैकेज पर सहमत होंगे या नहीं।
नायडू ने प्रस्तावित पैकेज पर अपने कुछ कैबिनेट सहयोगियों और पार्टी नेताओं के साथ विजयवाड़ा में गहन चर्चा की है।
यद्यपि केंद्र सरकार चंद्रबाबू नायडू की उपस्थिति में विशेष पैकेज घोषित करना चाहती है और इसके लिए सरकार ने नायडू को कथित तौर पर राष्ट्रीय राजधानी में आमंत्रित किया है, लेकिन नायडू ने दिल्ली आने का मन नहीं बनाया है।
नायडू के विश्वासपात्र वाई.एस. चौधरी और सांसद सी.एम. रमेश ने सूचना एवं प्रसारण मंत्री एम. वेंकैया नायडू, गृहमंत्री राजनाथ सिंह और जेटली के साथ कई बैठकें की है।
चौधरी और रमेश ने अपनी बातचीत के बारे में नायडू को जानकारी दी।
नायडू कुछ मुद्दों पर स्पष्टता पर जोर दे रहे हैं।
उल्लेखनीय है कि नायडू की तेदेपा भाजपा नेतृत्व वाली केंद्र सरकार में साझेदार है।
नायडू चाहते हैं कि केंद्र सरकार राज्य के राजस्व घाटे की पूरी तरह भरपाई करे, उद्योग को सब्सिडी की संवैधानिक गारंटी मुहैया कराए और विशाखापत्तनम में नया रेलवे जोन घोषित करे।
तेदेपा प्रमुख राज्य में विधानसभा सीटों की संख्या बढ़ाने की भी घोषणा करने की मांग कर रहे हैं।
नायडू ने राजग सरकार को इस बात से अवगत करा दिया है कि वह तभी संतुष्ट होंगे, जब आंध्र प्रदेश पुनर्गठन अधिनियम में किए गए सभी वादे पूरे किए जाएंगे।
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