आंध्र विधानसभा हंगामे के बीच अनिश्चित काल के लिए स्थगित (लीड-1)

हैदराबाद, 10 सितम्बर (आईएएनएस)। राज्य के विशेष दर्जा के मुद्दे पर शनिवार को एक बार फिर आंध्र प्रदेश विधानसभा में भारी हंगामा हुआ और सदन में लगातार तीसरे दिन कोई कामकाज नहीं हो सका।

विधानसभा अध्यक्ष ने सदन की कार्यवाही अनिश्चितकाल के लिए स्थगित कर दी।

केंद्र द्वारा राज्य को विशेष दर्जा देने से इनकार करने के मुद्दे पर विपक्षी पार्टी, वाईएसआर कांग्रेस ने लगातार तीसरे दिन अपना विरोध जारी रखा। आंध्र प्रदेश विभाजन के समय केंद्र सरकार ने राज्य को विशेष दर्जा देने का वादा किया था।

सदन की कार्यवाही सुबह जैसे ही शुरू हुई, इस मुद्दे पर तत्काल बहस की मांग करते हुए एक मात्र विपक्षी पार्टी के कुछ विधायक अपनी-अपनी सीटों से खड़े हो गए।

सरकार इस बात पर कायम थी कि मुख्यमंत्री चंद्रबाबू नायडू के एक बयान के बाद इस मुद्दे पर बहस हो सकती है।

काली पोशाक पहने और हाथ में तख्तियां लिए विपक्षी विधायक अध्यक्ष के आसन तक पहुंच गए और विशेष दर्जा ‘आंध्र प्रदेश का अधिकार है’ के नारे लगाने लगे।

हालांकि सदन में उस समय फिर से हंगामा शुरू हो गया, जब अध्यक्ष के आसन की ओर बढ़ रहीं वाईएसआर की महिला विधायकों को महिला मार्शलों ने रोकने की कोशिश की। विरोध कर रहे विधायकों में कुछ अध्यक्ष के आसन के समक्ष बेंच पर खड़े हो गए और कागज फाड़ कर उसके टुकड़े आसंदी के ऊपर फेंक दिए।

विपक्ष के नेता वाई.एस. जगनमोहन रेड्डी जब बोलने के लिए खड़े हुए तो उनकी माइक के तार काट दिए गए। इसको लेकर उन्होंने कड़ा विरोध दर्ज कराया। अध्यक्ष शिव प्रसाद राव ने कहा कि सदन की कार्यवाही इस तरह नहीं चल सकती, जैसे जगनमोहन चलाना चाहते हैं।

विपक्ष के लगातार विरोध के कारण अध्यक्ष ने सदन की कार्यवाही पहले 10 मिनट के लिए स्थगित की।

सदन की कार्यवाही जब पुन: शुरू हुई तो भी हंगामा जारी रहा।

हंगामे के बीच विधायिका मामले के मंत्री वाई. रामकृष्णुडू ने विपक्षी विधायकों के अनियंत्रित व्यवहार को लेकर कार्रवाई हेतु सदन की विशेषाधिकार समिति के पास मुद्दे को भेजने के लिए एक प्रस्ताव पेश किया। प्रस्ताव में अध्यक्ष, महिला मार्शल और अन्य कर्मचारियों पर हमले की निंदा की गई।

अध्यक्ष ने घोषणा की कि प्रस्ताव ध्वनि मत से पारित हो गया।

उन्होंने कहा, “मैंने सदस्यों के इस तरह के व्यवहार अपने पूरे राजनीतिक जीवन में कभी नहीं देखा है। अगर आवश्यक है तो इन्हें स्थाई तौर पर निलंबित किया जाना चाहिए।”

हंगामा जारी रहने पर अध्यक्ष ने सदन की कार्यवाही अनिश्चितकाल के लिए स्थगित कर दी।

संवाददाताओं से बातचीत करते हुए जगनमोहन रेड्डी ने मुख्यमंत्री चंद्रबाबू नायडू पर राज्य के हितों का सौदा करने का आरोप लगाया।

विधानसभा परिसर में जगनमोहन रेड्डी के संवाददाता सम्मेलन में भी तनाव उत्पन्न हुआ, जब तेलुगू देशम पार्टी के विधायकों ने बाधा उपस्थित करने की कोशिश की।

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