हैदराबाद, 26 मार्च (आईएएनएस)। भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान हैदराबाद (आईआईटी-एच) कृत्रिम गर्भधारण (आईवीएफ) पद्धति के माध्यम से अधिक उम्र में गर्भधारण के तरीके पर शोध करेगा।
इस परियोजना के लिए 25 लाख रुपये की राशि स्वीकृति की गई है। यह परियोजना 2018 के लिए वेलकम ब्रिटेन स्मॉल प्रोजेक्ट ग्रांट के तहत है। इस परियोजना का शीर्षक ‘अ प्रीलिमनरी स्टडी ऑफ एजिंग एंड असिस्टेड रिप्रोडक्शन इन इंडिया’ है।
आईआईटी हैदराबाद ने कहा है कि इस परियोजना की शुरुआत अप्रैल से होगी और इसमें फील्डवर्क, ‘रिफ्रेमिंग द बायोलॉजिकल क्लॉक : एक्सप्लोरिंग एथनोग्राफिक रिसर्च ऑन एजिंग एंड रिप्रोडक्शन’ शीर्षक पर अगस्त में एक सम्मेलन होंगे। सम्मेलन में में दुनिया भर के शिक्षाविद प्रस्तुतियां देंगे।
यूरोप, अमेरिका और एशिया के शोधकर्ता इस सम्मेलन में अपनी प्रस्तुतियां देंगे। सम्मेलन की मेजबानी आईआईटी हैदराबाद करेगा।
आईआईटी हैदराबाद के लिबरल आर्ट्स विभाग की सहायक प्रोफेसर अनिंदिता मजूमदार इस शोध का नेतृत्व करेंगी।
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