दर्शकों पर यह असर सोमवार को आजमगढ़ फाइन आर्ट सेंटर द्वारा अग्रसेन महिला पीजी कालेज में आयोजित दो दिवसीय पेंटिग प्रदर्शनी में देखने को मिला। इसका उद्घाटन डीडीसी ऋतु सुहास ने किया। प्रदर्शनी में कैनवास पर बिखरे संतरंगी रंगों ने दर्शकों को मुग्ध किया। अधिकांश पेंटिग महिला से जुड़ी दिखी।
मुख्य अतिथि ऋतु सुहास ने कहा कि जनपद के महिला कलाकरों का यह प्रयास अद्भुत है। इस तरह के सृजन कार्य सकारामक सोच की ही देन हो सकते हैं। महिला कलाकारों ने जिस लगन के साथ रंगों को कैनवास पर सजोया है, वह मन को सुकून दे रहा है। इस तरह के प्रयास जारी रहने से समाज में सकारात्मक बदलाव आता है। दो दिवसीय प्रदर्शनी में 22 महिला कलाकारों की 70 कृतियों को प्रस्तुत किया गया।
प्रदर्शनी में लीना मिश्रा की मधुबनी पेंटिग में एकलव्य द्रोणाचार्य की कहानी थी, तो अंकिता सिन्हा की वार्ली पेंटिंग में उत्सव के ²श्य को प्रदर्शित किया गया।
सैडो वर्क पर लगी नृत्य की पेंटिंग ने बहुत कुछ बयां किया। जया गौड़ की यूरोपीय वर्ग पर युगल की पेंटिंग दर्शकों को आकर्षित करती रही। अंकिता सिन्हा और ज्योति अग्रवाल की राधा-कृष्ण की पेंटिंगों में प्रयोग किए गए रंगों ने जीवंतता ला दी। नेहा मिश्रा द्वारा चारकोल से बुल-बुलों में जीवन के रंग को बहुत करीब से दर्शाया गया है।
अधिकांश पेंटिगों में कहीं न कहीं महिला जुड़ी रही। वहीं महिला कलाकारों द्वारा की गई स्केचिंग में मदीहा की चिड़ियों पर, ऋषिका की मोर पर, साक्षी की चिड़ियां और बिल्ली पर, लावन्या की मदर टेरेसा पर सिद्धि की हिरन पर बनी कृतियों ने दर्शकों समक्ष जीवंत ²श्य प्रस्तुत किए।
प्रदर्शनी में आयल पेंटिंग, एक्लेरिक, मधुबनी, वार्ली, फैब्रिक, स्केचिंग, चारकोल आदि पेंटिंग प्रस्तुत की गई। बेडसीट पेंटिंग में मार्डन आर्ट, मधुबनी, फ्लोरल, चाइनीज फिगर को बेहतर तरीके से संजोया गया।
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