आठ देशों के रिकॉर्ड बुक संपादक दिल्ली में जुटे

नई दिल्ली, 12 नवंबर (आईएएनएस)। रिकॉर्ड बुक के संपादन से जुड़े आठ देशों के संपादक रविवार को दिल्ली में एक समारोह में शामिल हुए। इस कार्यक्रम में देश-विदेश से आए 40 रिकॉर्ड धारकों ने अपने रिकार्ड एवं प्रमाणपत्रों की प्रदर्शनी लगाई।

नई दिल्ली, 12 नवंबर (आईएएनएस)। रिकॉर्ड बुक के संपादन से जुड़े आठ देशों के संपादक रविवार को दिल्ली में एक समारोह में शामिल हुए। इस कार्यक्रम में देश-विदेश से आए 40 रिकॉर्ड धारकों ने अपने रिकार्ड एवं प्रमाणपत्रों की प्रदर्शनी लगाई।

यहां जारी एक बयान के अनुसार, इस समारोह में विश्व रिकार्ड से जुड़ी कई पुस्तकों, जैसे पाउलो कोएथो, द अलकेमिस्ट, डाइबिटीज फ्री वल्र्ड (लेखक डॉ. विश्वरूप रॉय चौधरी) की जानकारी दी गई। जिनका 70 से भी अधिक भाषाओं में प्रकाशन हुआ है। इसी कार्यक्रम में वल्र्ड रिकार्ड यूनियन बुक-2018 एडिशन का भी विमोचन किया गया।

इस कार्यक्रम का आयोजन ‘इंडिया बुक ऑफ रिकार्डस’ के मुख्य संपादक डॉ. विश्वजीत रॉय चौधरी ने सीरीफोर्ट आडिटोरियम में किया। कार्यक्रम में दो हजार से अधिक लोग पहुंचे।

इस अवसर पर चौधरी ने कहा, “अपने देश और महादेश के लिए नाम रोशन करनेवालों का अवश्य सम्मान होना चाहिए। इसी विचार के तहत इसे अमलीजामा पहनाया गया। दूसरी बात कि आजकल के लोग विशेषकर बच्चे दिनरात मोबाइल पर लगे रहते हैं। उससे उनको बहार निकालने के लिए इस तरह का कार्यक्रम जरूरी है।”

‘इंटरनेशनल बुक ऑफ रिकार्डस’ के आठ से ज्यादा मुख्य संपादक इस कार्यक्रम में उपस्थित हुए, जिसमें अमेरिका, इंग्लैंड, मलेशिया, इंडोनेशिया, नेपाल, बांग्लादेश, भारत से लोग शामिल थे।

इसके अलावा अपने क्षेत्रों में उल्लेखनीय योगदान देने वालों में 2016 की मिस इंडिया यास्मीन चौहान, जिन्होंने शारीरिक तंदुरुस्ती, चुस्ती एवं फुर्ती के लिए ख्याति प्राप्त की, उन्हें विशेष रूप से सम्मानित किया गया। अंगदान करने एवं करवाने जैसे पुण्य कार्य में जीवन लगाने वाले आर्यमहर्षि ने इस कार्यक्रम में अपनी एवं अपनी पत्नी का एक किडनी दान करने की घोषणा की। रौदा पेट(चेन्नई) के विधायक सुब्रह्मण्यम मनिक्म, जिन्होंने सीनियर सिटीजन मैराथन श्रेणी में रिकॉर्ड स्थापित किया, उन्हें विशेष रूप से सम्मानित किया गया।

बयान के अनुसार, कार्यक्रम में सीबीआई के पूर्व विशेष निदेशक एवं राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग के पूर्व महानिदेशक डी.आर. कर्तिकेयन को सम्मानित किया गया, जो राजीव गांधी हत्याकांड के जांचकर्ता थे। पद्मभूषण एवं पद्मश्री से सम्मानित डॉ. सरोज वैद्यनाथन ने 81 वर्ष की उम्र में स्टेज पर कार्यक्रम करके लोगों को अचम्भित कर दिया। तेज चित्रकारी के लिए प्रसिद्ध जयानंद वी को भी सम्मानित किया गया। एक किशोर ड्रमर रविराम अंबुमानी ने आंख पर पट्टी बांधकर ड्रम बजाकर लोगों का भरपूर मनोरंजन किया।

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