लखनऊ , 14 फरवरी (आईएएनएस)। उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव के सियासी समर में सभी दल एड़ी-चोटी का जोर लगा रहे हैं। भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने अपने राज्यसभा सांसद और राष्ट्रीय महासचिव भूपेंद्र यादव को उप्र में चुनाव प्रबंधन की बड़ी जिम्मेदारी दी है। भूपेंद्र को इस बात का बेहद दुख है कि मुख्यमंत्री अखिलेश यादव खुद को अपने पिता मुलायम सिंह यादव का ‘आदर्श बेटा’ साबित नहीं कर पाए।
लखनऊ , 14 फरवरी (आईएएनएस)। उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव के सियासी समर में सभी दल एड़ी-चोटी का जोर लगा रहे हैं। भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने अपने राज्यसभा सांसद और राष्ट्रीय महासचिव भूपेंद्र यादव को उप्र में चुनाव प्रबंधन की बड़ी जिम्मेदारी दी है। भूपेंद्र को इस बात का बेहद दुख है कि मुख्यमंत्री अखिलेश यादव खुद को अपने पिता मुलायम सिंह यादव का ‘आदर्श बेटा’ साबित नहीं कर पाए।
पिछले कई दिनों से लखनऊ में पार्टी के चुनाव प्रबंधन के काम में जुटे भूपेंद्र यादव ने मंगलवार को आईएएनएस से विशेष बातचीत में भूपेंद्र ने उप्र के सियासी माहौल व जातिगत राजनीति को लेकर खुलकर बातचीत की।
भूपेंद्र ने कहा कि पहले जनता को यह लगता था कि अखिलेश यादव एक नया चेहरा हैं और युवा हैं। युवाओं को भी लगता था कि उप्र के विकास के लिए कुछ करेंगे, लेकिन वह उम्मीदों पर खरा नहीं उतर पाए।
मुख्यमंत्री के चरित्र का विश्लेषण करते हुए उन्होंने कहा, “समाजवादी पार्टी के भीतर मची अंदरूनी कलह के बाद अखिलेश यादव का जो चरित्र उभरकर सामने आया, वह काफी चौंकाने वाला था। अखिलेश हमेशा ही यह कहते रहे हैं कि वह अपने पिता का सम्मान करते हैं, लेकिन जिस तरह का व्यवहार उन्होंने अपने पिता के साथ किया है, वह एक आदर्श बेटा तो नहीं ही कर सकता है।”
भाजपा नेता मानते हैं कि अखिलेश अपने पिता के नहीं हुए, किसी और के हो गए। उन्हें पक्का विश्वास है कि मुख्यमंत्री जनता के भी नहीं हो सकते। उन्होंने कहा, “जनता तो यही सवाल पूछ रही है कि जो अपने पिता का नहीं हुआ, वह उप्र की जनता का क्या होगा।”
उप्र की राजनीतिक को लेकर भूपेंद्र ने कहा कि यहां जातिगत समीकरण हावी है, लेकिन भाजपा ने हर वर्ग के लोगों को टिकट दिया है। पश्चिमी उप्र में पहले चरण के दौरान भाजपा को काफी अच्छे परिणाम की उम्मीद है।
उन्होंने कहा, “उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव में पार्टी जाति और धर्म के नाम पर चुनाव नहीं लड़ रही है। उनका मुख्य मुद्दा विकास का है और इसी को ध्यान में रखकर पार्टी चुनाव लड़ रही है।”
भाजपा अध्यक्ष अमित शाह सहित पार्टी के कई नेता हालांकि राम मंदिर का मुद्दा उठा चुके हैं और मंदिर जल्द बनने का भरोसा दिला चुके हैं और कैराना से हिंदुओं के पलायन का मुद्दा भी गर्मा चुके हैं।
भूपेंद्र ने कहा कि उत्तर प्रदेश में मुख्य मुद्दा कानून व्यवस्था, भ्रष्टाचार और महिलाओं के सम्मान का है, जिसे ध्यान में रखते हुए भारतीय जनता पार्टी विधानसभा चुनाव में इस मुद्दे पर चुनाव लड़ रही है। जाति और धर्म की सियासत भाजपा नहीं, बल्कि अन्य दल कर रहे हैं। जनता को भ्रमित कर रहे हैं। भाजपा के साथ आज सभी धर्म और जाति के लोग मिलकर पार्टी की सरकार बनाने में जुटे हैं।
एक भी अल्पसंख्यक को टिकट न देने वाली पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव ने कहा कि ‘सबका साथ और सबका विकास’ की नीति के साथ पार्टी काम कर रही है और पहले चरण के हुए मतदान में बड़ी संख्या में लोगों की पसंद भाजपा रही है।
राज्यसभा सांसद ने कहा कि भाजपा को दो तिहाई बहुमत मिलेगा। समाजवादी पार्टी और कांग्रेस के गठजोड़ के बारे में पूछे जाने पर भूपेंद्र यादव कहते हैं कि यह गठजोड़ केवल चुनाव तक है। चुनाव में हारने के बाद गठबंधन कहां चला जाएगा, किसी को पता भी नहीं चलेगा।
सांप्रदायिकता के सवाल पर यादव का कहना है कि सपा और बसपा के लोग इस तरह के मुद्दे को हवा दे रहे हैं। भाजपा का तो केवल एक ही मुद्दा विकास का है।
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