नई दिल्ली, 3 मार्च (आईएएनएस)। केंद्रीय कृषि तथा किसान कल्याण मंत्री राधा मोहन सिंह ने कहा कि देश की अर्थव्यवस्था में पशु धन तथा ग्रामीण आबादी की जिंदगी को देखते हुए आपदाओं में पशुधन प्रबंधन अत्यंत आवश्यक हो जाता है।
सिंह ने गुरुवार को यहां राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन संस्थान (एनआईडीएम) द्वारा आयोजित आपात स्थिति में पशु प्रबंधन विषय पर दो दिन की कार्यशाला का उद्घाटन किया।
समारोह को संबोधित करते हुए राधा मोहन सिंह ने कहा कि एनआईडीएम न केवल देश में आपदाओं से लड़ने में सराहनीय भूमिका अदा की बल्कि पड़ोसी देश नेपाल में आए भूकंप में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। उन्होंने हाल की चेन्नई की बाढ़ में अनेक लोगों के बचाव और पुनर्वास में आपदा प्रबंधन एजेंसियों की भूमिका की सराहना का जिक्र किया।
उन्होंने कहा कि यह ध्यान रखना महत्वपूर्ण है कि जानवर अकसर आपदाओं के भूले बिसरे पीड़ित बन जाते हैं और हजारों पशु प्रति वर्ष पीड़ित रहते हैं।
राधा मोहन सिंह ने कहा कि देश की अर्थव्यवस्था में पशु धन तथा ग्रामीण आबादी की जिन्दगी को देखते हुए आपदाओं में पशुधन प्रबंधन अत्यंत आवश्यक हो जाता है। उन्होंने कहा कि एनआईडीएम पॉलिसी प्रोस्पेक्टिव फाउंडेशन तथा विश्व पशु संरक्षण जैसी संगठनों के साथ आपात स्थिति में पशु प्रबंधन पर काम कर रहा है। उन्होंने कहा कि बेहतर नीति समर्थन के लिए आपदा प्रबंधन अधिनियम में आपदाओं से पशुओं की सुरक्षा के ऊपाय शामिल किए जाने चाहिए।
कृषि तथा किसान कल्याण मंत्री ने उद्घाटन के बाद भारत सरकार के पशुपालन, डेयरी तथा मछली पालन विभाग के लिए आपदा प्रबंधन योजना जारी की। यह योजना आपदा के पहले, आपदा के दौरान और आपदा के बाद जानवरों की रक्षा के लिए बनाई गई है। दो दिन की कार्यशाला में विभिन्न विषयों पर चर्चा की जाएगी।
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