नई दिल्ली, 1 फरवरी (आईएएनएस)। केंद्रीय वित्तमंत्री अरुण जेटली ने गुरुवार को आम बजट में मत्स्य पालन, जलीय कृषि और पशुपालन में लगे किसानों के किसान क्रेडिट कार्ड की सुविधाओं में विस्तार करते हुए इस क्षेत्र के विकास के लिए 10 हजार करोड़ रुपये की समर्पित निधि की घोषणा की।
सरकार के इस कदम का मकसद देश में पशुपालन के स्तर और उत्पादन को बढ़ाना है। इससे पहले 2016 में सरकार ने जानवरों के प्रति क्रूरता की रोकथाम नियमों (पशुधन बाजार का विनियमन)2016 के तहत नियमों और मानकों में वृद्धि की थी और समान तरह के नियम जलकुंडों और मछली टैंकों पर लगाए गए थे।
उन्होंने कहा, “हम किसान क्रेडिट कार्ड को मत्स्य पालन और पशुपालन में लगे किसानों के लिए प्रस्तावित कर रहे हैं।”
वित्तमंत्री ने केंद्रीय बजट 2018-19 पेश करते हुए कहा, “मत्स्य पालन, जलीय कृषि और पशुपालन के लिए सरकार ने 10 हजार करोड़ रुपये की राशि निधि को समर्पित किया है।”
राष्ट्रीय मत्स्य विकास बोर्ड के मुताबिक भारत मत्स्य पालन और जलीय कृषि में विश्व के अंदर दूसरे स्थान पर है। मत्स्य पालन और जलीय कृषि क्षेत्र को पोषण संबंधी सुरक्षा प्रदान करने के लिए एक महत्वपूर्ण क्षेत्र के रूप में देखा गया है, जिसमें अकेले 1.40 करोड़ लोग लगे हुए हैं। यह क्षेत्र देश की जीडीपी में 1.1 फीसदी और कृषि जीडीपी में 5.15 फीसदी का योगदान देता है। देश में कुल 1 करोड़ मैट्रिक टन का मछली उत्पादन होता है।
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