चेन्नई, 22 अगस्त (आईएएनएस)। पूर्व केंद्रीय संचार मंत्री ए. राजा ने अपने खिलाफ सीबीआई द्वारा दर्ज आय से अधिक संपत्ति के मामले को और उनके ठिकानों पर मारे गए छापों को राजनीति से प्रेरित करार दिया है। उन्होंने कहा कि यह एक झूठा मामला है।
चेन्नई, 22 अगस्त (आईएएनएस)। पूर्व केंद्रीय संचार मंत्री ए. राजा ने अपने खिलाफ सीबीआई द्वारा दर्ज आय से अधिक संपत्ति के मामले को और उनके ठिकानों पर मारे गए छापों को राजनीति से प्रेरित करार दिया है। उन्होंने कहा कि यह एक झूठा मामला है।
राजा ने शनिवार को यहां संवाददाताओं से कहा कि सीबीआई ने उनके खिलाफ एक झूठा मामला दर्ज किया है, और नई दिल्ली व चेन्नई में सीबीआई अधिकारियों के बीच इस मुद्दे पर मतभेद है।
राजा ने कहा कि सीबीआई ने उनके पूर्व सहयोगी सादिक पाशा की संपत्ति को उनके नाम जोड़ दिया है। पाशा ग्रीन हाउस प्रमोटर्स के प्रमोटर रहे हैं और 2011 में रहस्यमय स्थितियों में उन्हें मृत पाया गया था।
सीबीआई ने 19 अगस्त को कहा था कि राजा और 16 अन्य के खिलाफ आय से अधिक संपत्ति का एक मामला दर्ज किया गया है। जांच एजेंसी ने 20 स्थानों पर छापे भी मारे थे। इनमें से छह स्थान चेन्नई में, एक नई दिल्ली में, दो कोयंबटूर, आठ पेरम्बलूर, और तीन स्थान त्रिची में थे।
तलाशी के दौरान कई आपत्तिजनक दस्तावेज बरामद हुए, जिनमें फायनेंसियल स्टेटमेंट, आयकर रिटर्न, स्थायी संपत्ति के दस्तावेज, बिल, वाउचर्स और इनवायस शामिल थे।
जांच एजेंसी ने कहा है कि आरोपियों के नाम पर कई बैंक खातों और सावधि जमा की भी पहचान हुई है।
सीबीआई ने कहा कि राजा और 16 अन्य के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारक अधिनियम के तहत मामला दर्ज हुआ है।
राजा के अनुसार, पाशा की संपत्तियों को उनके नाम जोड़ने के सीबीआई के निर्णय के पीछे कुछ खास उद्देश्य जान पड़ता है।
राजा ने कहा कि उन्होंने अपने नाम की संपत्तियों की घोषणा कर रखी है, जो ऑनलाइन उपलब्ध है।
उन्होंने कहा कि सीबीआई ने 2जी मामले की जांच के दौरान 2004 से 2010 के बीच उनकी संपत्तियों की जांच की थी और अदालत के समक्ष स्वीकार किया था कि उनके (राजा) नाम आय से अधिक कोई संपत्ति नहीं है।
राजा ने कहा कि ताजा मामला उन्हें प्रताड़ित करने के लिए है।
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