इस दौरान उन्होंने कहा कि आरक्षण कोई भीख नहीं बल्कि प्रतिनिधित्व का मामला है। अगर आरक्षण को खत्म करने का दुस्साहस किया गया तो भारत की धरती पर खून की नदियां बहेंगी।
सावित्री ने पत्रकारों से बातचीत में कहा, “संविधान और आरक्षण खतरे में है। मैं सांसद रहूं या न रहूं लेकिन संविधान के साथ छेड़छाड़ नहीं होने दूंगी। आरक्षण कोई भीख नहीं बल्कि प्रतिनिधित्व का मामला है। यदि शासक वर्ग ने भारत के संविधान को बदलने और हमारे आरक्षण को खत्म करने का दुस्साहस किया तो भारत की धरती पर खून की नदियां बहेंगी।”
उन्होंने कहा कि आरक्षण हमारे बाबा साहेब का दिया अधिकार है किसी और के बाप दादा या भगवान का नहीं।
यह सवाल पूछे जाने पर कि आप भाजपा की सांसद हैं और अब क्या भाजपा छोड़ेंगी। साध्वी ने कहा, “मैं भारत की सांसद हूं और जब तक मेरा कार्यकाल है तब तक मैं सांसद रहूंगी।”
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