जहाजों के उत्सर्जन घटाने आईएमओ की बैठक मंगलवार को

नई दिल्ली, 1 अप्रैल (आईएएनएस)। अंतर्राष्ट्रीय समुद्री संगठन (आईएमओ) जहाजों के उत्सर्ज घटाने के प्रस्ताव पर मंगलवार को लंदन में विचार-विमर्श करेगा।

विशेषज्ञों ने रविवार को बताया कि यह साल भारत के लिए नौवहन से ग्रीनहाउस गैस उर्त्सन की बढ़ती समस्या को कम करने के लिए कदम उठाने की दिशा में भी निर्णायक हो सकता है।

भारत आईएमओ के आरंभिक दौर के सदस्यों में शुमार है। भारत 1959 में आईएमओ में शामिल हुआ था।

लंदन की बैठक में हिस्सा लेने जा रहे एक भारतीय वार्ताकार ने कहा, “2016 से लेकर अबतक महत्वाकांक्षी लक्ष्य के पक्ष व विपक्ष में कई दलीलें दी जा चुकी हैं। चीन की अगुवाई में अति संरक्षणवादी दृष्टिकोण को भारत व ब्राजील के समर्थन मिलने से आंकड़े आधारित लक्ष्य व पेरिस समझौत के अनुरूप एक समान लेकिन अलग-अलग दायित्व सिद्धांत को अपनाने की मांग की जा रही है।”

चीन दुनिया का सबसे बड़ा जहाज संचालक है और कुलभार के मामले में वह दुनिया का तीसरा देश है।

पेरिस जलवायु समझौता 2015 से नौवहन को अलग कर दिया गया है, क्योंकि यह वैश्विक सीमापार उद्योग है, जिसमें किसी खास देश के योगदान को कम करना कठिन या असंभव है।

संयुक्त राष्ट्र की रपट के मुताबिक, चीन की तुलना में भारत और ब्राजील की भागीदारी नौवहन उद्योग में बहुत कम है। विश्व में इनकी हिस्सेदारी क्रमश: 1.21 फीसदी और 0.88 फीसदी है।

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