नई दिल्ली, 26 फरवरी (आईएएनएस)। केंद्रीय वित्त मंत्री अरुण जेटली द्वारा संसद के पटल पर रखे गए आर्थिक सर्वेक्षण 2015-16 में आगामी वित्त वर्ष के लिए विकास दर का अनुमान 7-7.75 फीसदी रखा गया।
आर्थिक सर्वेक्षण में वित्त वर्ष 2015-16 के लिए विकास दर 7.6 फीसदी रहने का अनुमान जताया गया है, जो 2014-15 में 7.2 फीसदी था।
केंद्रीय वित्त मंत्रालय के मुख्य आर्थिक सलाहकार अरविंद सुब्रह्मण्यम द्वारा तैयार आर्थिक सर्वेक्षण में कहा गया है, “देश की दीर्घावधि जीडीपी (सकल घरेलू उत्पाद) विकास दर की संभावना काफी अच्छी करीब 8-10 फीसदी है।”
सर्वेक्षण के मुताबिक, “सुस्त वैश्विक आर्थिक स्थिति के बीच भारत स्थिरता का स्तंभ और सबसे तेज विकास दर वाली प्रमुख अर्थव्यवस्था बना रहेगा।”
महंगाई के मोर्चे पर सर्वेक्षण में कहा गया है कि आगामी वित्त वर्ष में उपभोक्ता महंगाई दर 4.5-5 फीसदी के दायरे में रहेगी।
सर्वेक्षण में उम्मीद जताई गई है कि आगामी वित्त वर्ष के आखिर यानी, मार्च 2017 के लिए भारतीय रिजर्व बैंक द्वारा तय किया गया पांच फीसदी विकास दर लक्ष्य हासिल हो जाएगा।
देश का व्यापार घाटा अप्रैल-जनवरी के दौरान घटकर 106.8 अरब डॉलर रहा, जो एक साल पहले 119.6 अरब डॉलर था।
चालू खाता घाटा अप्रैल-सितंबर 2015 अवधि में सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) का 1.4 फीसदी रहा।
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