अनिल सिंह-(भोपाल)भोपाल में कुछ भाजपा कार्यकर्ताओं ने मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान के निर्देशन में भोपाल के बुद्धिजीवियों की एक परिचर्चा आयोजित की,यह परिचर्चा होटल पलाश में चाय पर चर्चा के रूप में रखी गयी.चूंकि यह चर्चा भोपाल के विकास के लिए चुनने वाले महापौर प्रत्याशी के लिए महत्वपूर्ण थी अतः पत्रकारों ने भी निर्णय लिया की इस चर्चा में बिना आमंत्रण के भी पहुंचेंगे क्योंकि मामला भोपाल का है और हम भी इसमें निवास करते हैं जबकि आयोजक जो मीडिया से जुड़े हुए हैं वे पत्रकारों को बुद्धिजीवी वर्ग का न मानकर उन्हें चर्चा से दूर रखना चाहते थे.
हम इसे विस्तृत रूप में इसलिए प्रस्तुत कर रहे हैं ताकि सच्चाई सामने आ सके.इस चर्चा का मंथन क्या निकला,क्या वास्तव में यह चर्चा विशुद्ध भोपाल की चिंता के लिए थी या हार का डर लिए भाजपा महापौर प्रत्याशी के संबल को बढाने के लिए थी यह मंथन में सामने आया.
इस चर्चा में भाजपा अध्यक्ष,भोपाल के सांसद,मीडिया मेनेजर शामिल और भोपाल के धनी व्यापारी बुद्धिजीवी आमंत्रित थे.पत्रकारों को इससे दूर रखा गया था लेकिन भोपाल के विकास की चिंता लिए पत्रकार बंधु बिना बुलाये उस चर्चा में घुस गए,हडबडाये संचालक ने मजबूरन शर्मिंदगी व्यक्त की और पत्रकारों का स्वागत इस चर्चा के लिए किया.
इसमें रिटायर्ड अधिकारी पुखराज मारू ने जल-मल प्रबंधन की बेहतर व्यवस्था के लिए आवाज उठायी,व्यापारी सुशील बाफना ने हमीदिया रोड पर अव्यवस्थित यातायात की समस्या से रूबरू करवाया,सर्वेश अग्रवाल को खुले में शौच नहीं भाता है,तो वहीँ एके मिश्र रोड खोदने की निगम की आदतों से व्यथित दिखे.
सुरेन्द्र तिवारी जी ने बिल्डरों के लिए बनाई कालोनियों में सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट लगाने की हिमायत की,हिंदी थियेटर को सुविधाएं देने की बात भी सामने आई,चुने जाने के बाद पार्षदों का न मिलना,भोपाल को अन्तराष्ट्रीय मंच पर कोई नहीं पहचानता यह बात भी सामने आई.
मुद्दे की बात रखी एक नागरिक ने जो भाजपा महापौर प्रत्याशी आलोक शर्मा के व्यवहार को लेकर सशंकित दिखे,उनका कहना था की आलोक नम्र नहीं हैं और इस रूप में प्रत्याशी हम पर थोपा गया है.महोदय ने आगे यह भी कहा की हमें भयमुक्त वातावरण भोपाल में चाहिए.
वर्तमान गृहमंत्री बाबूलाल गौर की व्यवस्था की सभी ने खूब लानत-मलामत की,आनन्-फानन में रखी गयी इस चर्चा में सुशासन न होना,विकास के लिए नेताओं में जज्बा नहीं होना सामने आया.आयोजक पत्रकारों के पहुंच जाने से हद्बदाये नजर आये.मोदी जी की स्टाईल में की गयी बुद्धिजीवियों की इस चर्चा में प्रशासन की लोगों ने खूब छीछालेदर की.
क्यों रखी गयी यह चर्चा?
आयोजकों ने बताया की इस चर्चा में आने वाले बिदुओं को मुख्यमंत्री जी के निर्देश पर भाजपा के घोषणा पत्र में शामिल किया जाएगा जो मतदान की तारीख आने तक भी घोषित किया नहीं जा सका है.
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