इफ्फी में महिला फिल्मकारों के लिए अलग वर्ग

पणजी, 28 नवंबर (आईएएनएस)। भारत अंतर्राष्ट्रीय फिल्म महोत्सव (इफ्फी) में ‘वूमेनक्लेचर ऑफ सिनेमा’ एक विशिष्ट वर्ग है, जिसमें भारतीय महिला फिल्मकारों की फिल्में प्रदर्शित की जा रही हैं और जरूरी नहीं कि ये फिल्में महिलाओं पर आधारित हो।

अक्सर संवेदनशील तरीके से महिलाओं की कार्य करने की भावना फिल्मों में नजर आती है। इन फिल्मों में बदलते विश्व में संबंधों में परिवर्तन, धीरे-धीरे समाप्त हो रहे मूल्यों के प्रति महत्वपूर्ण चिंता और मानवतावाद उभरा है।

फिल्मों में लालसा, कोमलता, कुछ हास्य, कुछ चिंता दिखाई देती है। इस वर्ष के इफ्फी में इस वर्ग में कई विषय पर आधारित फिल्में होंगी, जिसमें भारत की फिल्में भी शामिल हैं। हालांकि 1980 से अलग-अलग भाषाओं में विभिन्न शैलियों में फिल्म प्रस्तुत करने के प्रयास किए जा रहे हैं।

इस वर्ग में शामिल महिला फिल्मकार हैं – अंजलि मेनन (‘मंजादिकुरू’) अपर्णा सेन (’36 चौरंगी लेन’), बतुल मुख्तियार (‘काफल’), भावना तलवार (‘धर्म’), बॉबी शर्मा बरूआ (‘अदोम्या’), चित्रा पालेकर (‘माटीमाय’), जानकी विश्वनाथन (‘कुट्टी’), प्रेमा कारंथ (‘फेनियाम्मा’), रेवती (‘मित्र, माई फ्रेंड’), साई परांजपे (‘स्पर्श’), सतरूपा सान्याल (‘अनु’) सोनी तारापोरवाला (‘लिटिल जीजोउ’) और जोया अख्तर (‘जिंदगी ना मिलेगी दोबारा’)।

About admin


Notice: ob_end_flush(): Failed to send buffer of zlib output compression (0) in /home4/dharmrcw/public_html/wp-includes/functions.php on line 5493