नई दिल्ली, 10 नवंबर (आईएएनएस)। केंद्रीय पेट्रोलियम मंत्री धर्मेद्र प्रधान ने गुरुवार को तेल उत्पादक देशों से जिम्मेदार और उचित मूल्य निर्धारण का आग्रह किया, जो एशियाई देशों के खरीदारों के लिए सतत व दोनों पक्षों के लिए लाभकारी हो।
दोहा के कतर में छठे एशियाई मंत्रिस्तरीय ऊर्जा गोलमेज सम्मेलन के पूर्ण सत्र में प्रधान ने कहा, “मेरा मानना है कि अब उपयुक्त समय आ गया है, जब इस ऊर्जा गरीबी को ऊर्जा न्याय का मार्ग प्रदान करना चाहिए। ऐसा करने के लिए तेल आपूर्तिकर्ताओं को जिम्मेदार व उचित मूल्य निर्धारण का प्रयास करना चाहिए, जो सतत हो।”
राष्ट्रीय राजधानी में पेट्रोलियम मंत्रालय द्वारा जारी एक बयान के मुताबिक, “मेरा मानना है कि हर व्यक्ति इस बात से सहमत होगा कि एशियाई खरीदारों के लिए कच्चे तेल की कीमत ऐसी हो, जो दोनों पक्षों के लिए लाभकारी हो।”
मंत्री ने कहा, “एशिया में कच्चे तेल का आयात करने वाले सबसे बड़े देशों जैसे भारत तेल निर्यात के लिए विश्वसनीय गंतव्य हो सकता है, अगर कीमतें उचित हों।”
उन्होंने कहा, “विकासशील अर्थव्यवस्था जैसे भारत में लोग व नीति निर्माता यह पाते हैं कि पश्चिमी अर्थव्यवस्था के मुकाबले कच्चे तेल का भरोसेमंद व बड़ा आयातक भारत अधिक मूल्यों पर कच्चे तेल का आयात करता है, जो अस्वीकार्य व अन्यायपूर्ण है।”
भारत का कच्चे तेल का आयात साल 2010-11 के दौरान 112.1 अरब डॉलर व साल 2013-14 के दौरान 155.7 अरब डॉलर का रहा है।
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