इस्लामाबाद, 10 नवंबर (आईएएनएस)। बिहार चुनाव में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की हार यह संकेत देती है कि भारत की जनता को सांप्रदायिक राजनीति कबूल नहीं है। यह बात मंगलवार को पाकिस्तानी अखबार ‘डॉन’ ने लिखी।
डॉन ने अपने एक संपादकीय में लिखा, “भारतीय मतदाताओं ने सांप्रदायिक राजनीति को बहुत जल्द और निर्णायक तरीके से खारिज कर दिया।”
अखबार के मुताबिक, “प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सिर्फ अपनी न कहते रहें, लोगों की भी सुनें तो अच्छा रहेगा। दक्षिणपंथी विचारधारा की ओर झुकता भारत आंतरिक एकता और क्षेत्रीय स्थिरता के लिए खतरा है।”
संपादकीय में कहा गया है, “पाकिस्तान को बदनाम करने की कोशिश के बदले मोदी को इस पर गौर करना चाहिए कि भाजपा की गंदी राजनीति को भारतीय मतदाता आज ऐसा जवाब क्यों दे रहे हैं।”
डॉन के मुताबिक, भाजपा का सांप्रदायिक उत्पीड़न और धर्म के नाम पर भड़काने की मुहिम को बिहार के मतदाताओं द्वारा खारिज किया जाना जहां भी सही सोच वाले लोग हैं, उन सभी की जीत है।
अखबार ने यह भी लिखा, “अभी यह कहना जल्दबाजी होगी कि बिहार में हार के बाद मोदी और भाजपा के रणनीतिकार अपने राजनीतिक दृष्टिकोण पर पुनर्विचार करेंगे।”
डॉन के मुताबिक, हालांकि इसी साल फरवरी में दिल्ली विधानसभा में भी भाजपा की हार हुई थी, लेकिन बिहार की हार उससे ज्यादा महत्वपूर्ण है और यह राष्ट्रीय चुनावी रुझानों का एक विश्वसनीय सूचक है।
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